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ईरान-इजरायल युद्ध के बीच बड़ा दांव होर्मुज जलडमरूमध्य से इराक को मिली फ्री एंट्री, तेहरान ने कहा वह हमारा भाई

News India Live, Digital Desk: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान ने एक बड़ा कूटनीतिक कार्ड खेला है। तेहरान ने घोषणा की है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों से इराक को पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा। ईरान के सैन्य प्रवक्ता जनरल इब्राहिम जोल्फघारी ने इराक को ‘भाई’ बताते हुए साफ किया कि इराक के जहाजों को इस समुद्री रास्ते से आने-जाने के लिए किसी विशेष अनुमति या रोक-टोक का सामना नहीं करना पड़ेगा।इराक को मिली ‘खुली छूट’ के पीछे की रणनीतिईरान द्वारा उठाए गए इस कदम को अंतरराष्ट्रीय गलियारों में बेहद अहम माना जा रहा है। दरअसल, युद्ध शुरू होने के बाद से ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रभावी रूप से नियंत्रण कर रखा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है। हालांकि भारत, चीन और रूस जैसे देशों को शर्तों के साथ यहां से गुजरने की अनुमति मिली है, लेकिन इराक पहला ऐसा देश बन गया है जिसे ‘बिना किसी शर्त’ के पूरी आजादी दी गई है। जनरल इब्राहिम ने कहा, “मुश्किल वक्त में इराक हमारे साथ मजबूती से खड़ा रहा है। हम इराक की राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करते हैं और यह छूट केवल मित्र देशों के लिए है, दुश्मनों के लिए नहीं।”ट्रंप का 48 घंटे का अल्टीमेटम और ईरान की चुनौतीएक तरफ ईरान इराक को राहत दे रहा है, तो दूसरी तरफ अमेरिका के साथ तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर उसने होर्मुज का रास्ता सबके लिए नहीं खोला, तो उसे ‘तबाही’ का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी है कि समय तेजी से निकल रहा है। वहीं, ईरान ने इस धमकी को खारिज करते हुए दावा किया है कि उसने अमेरिका के दो फाइटर जेट्स को मार गिराया है, जिसमें से एक पायलट के उनके कब्जे में होने की खबर है।वैश्विक तेल बाजार पर क्या होगा असर?इराक अपनी अर्थव्यवस्था के लिए पूरी तरह से तेल निर्यात पर निर्भर है, जो इसी रास्ते से होकर जाता है। ईरान के इस फैसले से इराक को रोजाना करीब 30 लाख बैरल तेल निर्यात करने की संजीवनी मिल गई है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि समुद्र में जारी युद्ध और अमेरिकी विमानवाहकों की मौजूदगी के बीच क्या इराकी जहाज सुरक्षित रूप से निकल पाएंगे, यह अभी बड़ा सवाल है। यदि यह मार्ग सुचारू रूप से खुलता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों में थोड़ी राहत देखने को मिल मिल सकती है।

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