विदेश

हूती हमलों का बड़ा खतरा: अमेरिका ने सऊदी अरब के लिए जारी की लेवल-3 सुरक्षा एडवाइजरी, बॉर्डर पर नो-गो अलर्ट

पश्चिम एशिया के सामरिक और तेल समृद्ध भू-भाग में सुरक्षा संकट गहराने के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका ने सऊदी अरब जाने वाले और वहां रह रहे अपने नागरिकों के लिए तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय और गंभीर सुरक्षा एडवाइजरी जारी कर दी है। अमेरिकी विदेश विभाग (US Department of State) ने संपूर्ण सऊदी अरब के लिए लेवल-3 'रीकंसीडर ट्रैवल' यानी यात्रा पर पुनर्विचार करने की सख्त चेतावनी जारी की है। यह आधिकारिक चेतावनी उस समय आई है जब यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब की संप्रभु सीमाओं, रणनीतिक बुनियादी ढांचे और नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर लगातार विस्फोटक ड्रोन, क्रूज मिसाइलें और बैलिस्टिक रॉकेट दाग रहे हैं। वाशिंगटन का मानना है कि लाल सागर और अरब प्रायद्वीप में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नागरिकों, वाणिज्यिक संपत्तियों और कूटनीतिक मिशनों पर हमलों का अप्रत्याशित जोखिम बहुत तेजी से बढ़ गया है।

अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जारी इस नए दस्तावेज़ ने स्पष्ट किया है कि हाल के हफ्तों में हूती लड़ाकों की ओर से सीमा पार हवाई हमलों की आवृत्ति में भारी इजाफा दर्ज किया गया है। कुछ ही दिन पहले सऊदी अरब के पवित्र मक्का शहर के ठीक दक्षिण में स्थित एक संवेदनशील इलाके की ओर बढ़ रहे एक खतरनाक आत्मघाती ड्रोन को सऊदी रॉयल एयर डिफेंस सिस्टम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया था। इस गंभीर घटना ने यह प्रमाणित कर दिया है कि विद्रोही समूह केवल सीमावर्ती चौकियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सऊदी अरब के पश्चिमी प्रांतों, घनी आबादी वाले महानगरीय केंद्रों और पवित्र स्थलों के करीब तक हमले करने का दुस्साहस कर रहे हैं। हालांकि सऊदी अरब के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर वाणिज्यिक विमानों का परिचालन अभी पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, किंतु हवाई रक्षा प्रणालियों के अचानक सक्रिय होने और मिसाइल अवरोधन अभियानों के चलते उड़ानों में बड़े पैमाने पर देरी, डायवर्जन और परिचालन संबंधी गंभीर व्यवधान सामने आ रहे हैं।

यमन सीमा पर लेवल-4 का सबसे कड़ा प्रतिबंध: 20 मील के दायरे में अमेरिकी कर्मियों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित

सऊदी अरब के अधिकांश हिस्सों के लिए जहां लेवल-3 एडवाइजरी लागू की गई है, वहीं यमन से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे समस्त संवेदनशील क्षेत्रों के लिए वाशिंगटन ने अपनी सर्वोच्च और सबसे सख्त लेवल-4 'डू नॉट ट्रैवल' (Do Not Travel – बिल्कुल यात्रा न करें) चेतावनी जारी की है। यमन की सीमा पर सक्रिय सशस्त्र विद्रोही गुट आए दिन सीमावर्ती चौकियों, असैन्य बस्तियों और राजमार्गों पर बिना किसी पूर्व चेतावनी के रॉकेटों और कम दूरी की मिसाइलों से अंधाधुंध बमबारी करते रहते हैं, जिससे इन क्षेत्रों में मौजूद किसी भी नागरिक या विदेशी यात्री की जान को तत्काल जानलेवा खतरा पैदा हो जाता है। अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि कोई भी अमेरिकी नागरिक इन सीमांत प्रांतों में जाने का जोखिम न उठाए क्योंकि आपातकाल की स्थिति में वहां तत्काल कूटनीतिक या सुरक्षा सहायता पहुंचाना अमेरिकी दूतावास के लिए संभव नहीं होगा।

सुरक्षा प्रोटोकॉल को अत्यधिक कड़ा करते हुए अमेरिकी सरकार ने अपने सभी आधिकारिक राजनयिकों, वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए यमन सीमा के 20 मील (लगभग 32 किलोमीटर) के संपूर्ण दायरे में जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा सऊदी अरब के संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रांतों जैसे कतीफ, जिजान, असीर और नजरान की यात्रा करने के लिए भी अमेरिकी सरकारी कर्मियों को मिशन सुरक्षा प्रमुख से विशेष और पूर्व आधिकारिक अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इन क्षेत्रों में लंबे समय से सीमा पार से होने वाली तोपखाने की गोलाबारी और आत्मघाती ड्रोन के गिरने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार की चूक या ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं।

ऊर्जा संयंत्र, एयरपोर्ट और भीड़भाड़ वाले इलाके निशाने पर: अमेरिकी नागरिकों के लिए आपातकालीन सुरक्षा गाइडलाइन

अमेरिकी विदेश विभाग की नई सुरक्षा एडवाइजरी में नागरिकों को केवल मिसाइल हमलों से ही नहीं, बल्कि विभिन्न हिंसक गुटों और आतंकवादी संगठनों द्वारा किए जाने वाले संभावित हमलों को लेकर भी आगाह किया गया है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अनुसार, सऊदी अरब के भीतर स्थित अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई अड्डे, तेल शोधन कारखाने, विशाल ऊर्जा संयंत्र, पाइपलाइन टर्मिनल, सैन्य ठिकाने, पश्चिमी नागरिकों की आवाजाही वाले लक्जरी होटल, सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और घनी भीड़भाड़ वाले वाणिज्यिक बाजार आतंकी और विद्रोही तत्वों के प्राथमिक निशाने पर हो सकते हैं। इन रणनीतिक और नागरिक ठिकानों पर किसी भी अप्रत्याशित हमले की आशंका को देखते हुए अमेरिकी सरकार ने नागरिकों को निर्देश दिया है कि वे अनावश्यक रूप से ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर जाने से पूरी तरह बचें और अपनी गतिविधियों को न्यूनतम व सतर्क रखें।

इसके अतिरिक्त, रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास और जेद्दाह तथा धाहरान स्थित वाणिज्य दूतावासों ने नागरिकों को लगातार स्थानीय समाचारों पर नजर रखने, आपातकालीन अलर्ट पर सक्रिय रहने और आपात स्थिति में तुरंत बंकर या सुरक्षित कंक्रीट संरचनाओं में शरण लेने की योजना तैयार रखने की सलाह दी है। अगर आसमान में कोई संदिग्ध रोशनी, धमाका या इंटरसेप्टर मिसाइल की आवाज सुनाई दे, तो तुरंत खिड़कियों से दूर रहने और जमीन पर लेट जाने के दिशा-निर्देश दोहराए गए हैं। पश्चिम एशिया में ईरान, यमन और खाड़ी देशों के बीच बढ़ते इस सैन्य टकराव ने यह साफ कर दिया है कि सऊदी अरब में सुरक्षा समीकरण अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच चुके हैं और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

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