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होमवर्क न करने पर टीचर की बर्बर पिटाई से 6 साल के बच्चे की मौत, दिल दहला देने वाला CCTV फुटेज आया सामने

शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाली एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां मात्र 6 वर्ष के मासूम बच्चे की शिक्षक द्वारा की गई बर्बर पिटाई के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। होमवर्क पूरा न होने की मामूली बात पर शिक्षक ने मासूम छात्र के साथ इस कदर हैवानियत की कि बच्चा गंभीर रूप से घायल होकर कक्षा में ही बेसुध हो गया। घटना का क्लासरूम सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया है और परिजनों ने स्कूल प्रशासन व आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

क्लासरूम में होमवर्क चेक करने के दौरान हुई बर्बरता

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कक्षा एक (Class 1) में पढ़ने वाला मासूम छात्र रोजाना की तरह सुबह स्कूल गया था। क्लासरूम में जब शिक्षक द्वारा गृहकार्य (Homework) की जांच की जा रही थी, तब बच्चे की कॉपी पूरी नहीं पाई गई। इस पर शिक्षक ने अपना आपा खो दिया और मासूम पर थप्पड़ों व डंडे से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। प्रत्यक्षदर्शियों और कक्षा के अन्य बच्चों के अनुसार, शिक्षक ने बच्चे को जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा, जिससे उसके सिर और आंतरिक अंगों में गंभीर चोटें आईं।

CCTV फुटेज में कैद हुई पूरी दरिंदगी

क्लास में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे शिक्षक बिना किसी दया के 6 साल के छोटे बच्चे को लगातार पीट रहा है और बच्चा रोते-बिलखते हुए माफी मांग रहा है। अत्यधिक पिटाई के चलते बच्चा कुछ ही देर में फर्श पर गिरकर अचेत हो गया। इसके बाद घबराए स्कूल स्टाफ ने बच्चे को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर अंदरूनी रक्तस्राव और सिर पर गहरी चोट के कारण उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने आरोपी शिक्षक को दबोचा, गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपी शिक्षक को तत्काल हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम की सुसंगत व गैर-जमानती धाराओं के तहत हत्या/गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही की भी जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

बाल संरक्षण आयोग ने लिया संज्ञान, सख्त कार्रवाई की मांग

इस अमानवीय घटना के सामने आने के बाद राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से 24 घंटे के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। स्कूलों में शारीरिक दंड (Corporal Punishment) पर सुप्रीम कोर्ट और शिक्षा के अधिकार (RTE) कानून के तहत पूर्ण प्रतिबंध होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं शिक्षकों की क्रूर मानसिकता और प्रशासनिक निगरानी के अभाव को उजागर करती हैं। पीड़ित परिवार के घर पर मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोगों ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

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