विदेश

होर्मुज की नाकेबंदी खत्म, ईरान के खर्ग द्वीप से करोड़ों बैरल कच्चे तेल की धुआंधार सप्लाई शुरू

वैश्विक ऊर्जा बाजार और मिडिल ईस्ट से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से नाकेबंदी पूरी तरह से हट गई है। इस प्रतिबंध के हटते ही वैश्विक तेल बाजार ने राहत की सांस ली है और समुद्र में ठप पड़ी तेल की सप्लाई अचानक से तेज हो गई है। सबसे बड़ा बदलाव ईरान के मुख्य तेल टर्मिनल 'खर्ग द्वीप' (Kharg Island) पर देखने को मिल रहा है, जहां से कच्चे तेल की भारी खेप दुनिया के बाजारों के लिए रवाना होने लगी है।

समंदर में बढ़ी हलचल, महाकाय टैंकरों में लोड हुआ तेल

सूत्रों और सैटेलाइट तस्वीरों से मिली जानकारी के अनुसार, नाकेबंदी हटते ही ईरान के खर्ग द्वीप पर हलचल कई गुना बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और तनाव के कारण जो सुपरटैंकर (VLCCs) दिनों से समंदर में लंगर डाले खड़े थे, उनमें अब तेजी से कच्चा तेल लोड किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ ही घंटों के भीतर करोड़ों बैरल कच्चा तेल इन जहाजों में भरा जा चुका है, जो अब एशिया और यूरोप के प्रमुख बाजारों की ओर बढ़ने के लिए तैयार हैं।

दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?

दुनिया का लगभग 20 से 30 प्रतिशत कच्चा तेल इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ओमान और ईरान के बीच स्थित यह संकरा समुद्री रास्ता वैश्विक अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यहां नाकेबंदी हटने से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव पर लगाम लगेगी। भारत जैसे प्रमुख तेल आयातक देशों के लिए यह खबर राहत देने वाली है, क्योंकि सप्लाई चेन बहाल होने से घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता आने की उम्मीद बढ़ गई है।

खर्ग द्वीप से सप्लाई शुरू होने के वैश्विक मायने

ईरान का खर्ग द्वीप उसका सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण ऑयल एक्सपोर्ट हब है। यहां से सप्लाई शुरू होने का सीधा मतलब है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ेगी। हालांकि, इस अचानक आई तेजी पर ओपेक (OPEC) और अन्य पश्चिमी देशों की नजरें टिकी हुई हैं। भू-राजनीतिक (Geopolitical) रणनीतिकारों का मानना है कि इस कदम से आने वाले दिनों में खाड़ी देशों के समीकरण बदल सकते हैं। फिलहाल, समंदर के रास्ते कच्चे तेल की यह 'ब्लैक गोल्ड' सुनामी दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों को नई दिशा देने के लिए निकल चुकी है।

Back to top button