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17 किलो वजन घटाया और कश्मीर में की कड़ी मेहनत: सरफराज खान की दो साल बाद टीम इंडिया में धमाकेदार वापसी

भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक बड़ी और बेहद रोमांचक खबर सामने आई है। श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय चयनकर्ताओं ने बड़ा बदलाव करते हुए युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद उनकी जगह स्टार बल्लेबाज सरफराज खान को राष्ट्रीय टेस्ट टीम में शामिल कर लिया है। इस शानदार चयन के साथ ही सरफराज खान की पूरे दो साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय टेस्ट टीम में धमाकेदार वापसी हुई है। भारत और श्रीलंका के बीच रोमांचक टेस्ट सीरीज का आगाज आगामी 15 अगस्त 2026 से होने जा रहा है, और ऐसे में सरफराज का टीम में लौटना भारतीय बल्लेबाजी क्रम को और अधिक मजबूती देगा।

छंटनी के बाद कड़ा संघर्ष: 17 किलो वजन घटाकर बदली फिटनेस

राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के बाद सरफराज खान ने हार मानने के बजाय अपनी कमियों पर काम करने का कठिन रास्ता चुना। उन्होंने अपनी फिटनेस और खेल स्तर को सुधारने के लिए करीब डेढ़ साल के भीतर अपनी कड़ी मेहनत से हैरान करते हुए कुल 17 किलोग्राम वजन घटाया। मुंबई में मानसून के दौरान जब अभ्यास के लिए मुश्किलें बढ़ीं, तो सरफराज ने कश्मीर का रुख किया और वहां के ऐतिहासिक शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में पसीना बहाकर अपनी बल्लेबाजी शैली और तकनीक पर बारीकी से काम किया। इस समर्पण और अनुशासन ने ही उन्हें एक बार फिर से चयनकर्ताओं का भरोसा जीतने में मदद की।

क्यों हुई थी टीम से छुट्टी और कैसे तय किया वापसी का सफर

आपको याद दिला दें कि साल 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद सरफराज खान को टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। उस सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी क्रम बुरी तरह लड़खड़ाया था, लेकिन इसका गाज मुख्य रूप से 28 वर्षीय सरफराज पर गिरी थी और उन्हें राष्ट्रीय टीम से नजरअंदाज कर दिया जाने लगा था। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी; वह 'इंडिया ए' के साथ इंग्लैंड दौरे पर गए जहां उन्होंने इंग्लैंड लायंस के खिलाफ शानदार 92 रनों की बेहतरीन पारी खेली। इसके अलावा भारत और 'इंडिया ए' के बीच खेले गए इंट्रा-स्क्वाड अभ्यास मैच में भी उन्होंने धमाकेदार शतक जड़ा, जिससे उन्होंने घरेलू सर्किट में अपनी उपयोगिता साबित कर दी।

रेस में कैसे निकले सबसे आगे और क्या है उनकी खासियत

साई सुदर्शन के चोटिल होकर बाहर होने के बाद चयन समिति के सामने मुख्य रूप से तीन विकल्प मौजूद थे—रुतुराज गायकवाड़, शेख राशिद और सरफराज खान। अंततः चयनकर्ताओं ने सरफराज खान को प्राथमिकता दी, जिसके पीछे उनकी स्पिन गेंदबाजी को खेलने की उत्कृष्ट कला सबसे बड़ा कारण रही। सरफराज के पास स्पिन गेंदबाजों का सामना करने के लिए मैदान पर विभिन्न प्रकार के शॉट खेलने की क्षमता है, जिसमें उनका ट्रेडमार्क रिवर्स स्वीप भी शामिल है। वह फ्रंट फुट के साथ-साथ स्क्वायर की दिशा में भी बेहद प्रभावशाली शॉट खेलते हैं। लाल गेंद के क्रिकेट के लिए उन्होंने विशेष रूप से मुंबई की इंडोर अकादमी में एस्ट्रो टर्फ और लाल मिट्टी की पिचों पर जमकर अभ्यास किया है, ताकि उपमहाद्वीप या विदेशी पिचों पर स्पिन का बखूबी सामना कर सकें। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या सरफराज को श्रीलंका के खिलाफ इस सीरीज की प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है और वह श्रीलंकाई स्पिनर्स के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करते हैं।

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