2 करोड़ तिरंगों का निर्माण करेंगी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, केशव प्रसाद मौर्य

केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 12 अगस्त, 2026 की सायंकाल तक प्रत्येक दशा में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप तिरंगों की आपूर्ति पूर्ण कर ली जाए। पूर्व में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों एवं महिला सदस्यों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें तत्काल सक्रिय किया जाए तथा लक्ष्य की समयबद्ध पूर्ति के लिए अधिकाधिक सक्षम समूहों को जोड़ा जाए। श्री मौर्य ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्वयं सहायता समूह को आर्थिक हानि न हो। यदि निर्धारित लक्ष्य से अधिक तिरंगों का निर्माण होता है तो उनकी बिक्री स्थानीय बाजारों एवं अन्य माध्यमों से भी कराई जा सकती है। साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित परिवारों को भी स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित तिरंगे खरीदने एवं सम्मानपूर्वक अपने घरों पर फहराने के लिए प्रेरित किया जाए।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक श्री अरुण कुमार ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को अभियान के सफल संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए गुणवत्ता, समयबद्ध आपूर्ति, भुगतान एवं भारतीय ध्वज संहिता के अनुपालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' में पूरे उत्साह और गर्व के साथ सहभागी बनें तथा अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं संस्थानों पर भारतीय ध्वज संहिता का पालन करते हुए सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराएं। उन्होंने कहा, "हमारा तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। प्रत्येक घर पर तिरंगा केवल राष्ट्रध्वज का ध्वजारोहण नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता, लोकतांत्रिक मूल्यों और विकसित राष्ट्र के संकल्प के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है।"
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' के माध्यम से एक ओर प्रदेश में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना और अधिक सुदृढ़ होगी, वहीं दूसरी ओर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी लाखों महिलाओं को रोजगार, आय एवं आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर प्राप्त होंगे। यह अभियान महिला शक्ति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और राष्ट्र निर्माण—तीनों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।