देश

3 KM का फासला और मात्र 7 मिनट का सफर, लेकिन टिकट का किराया सुन उड़ जाएंगे होश; जानिए भारत की सबसे अनोखी और छोटी ट्रेन यात्रा

भारतीय रेलवे को दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क्स में गिना जाता है, जहां डिब्रूगढ़ से कन्याकुमारी तक चलने वाली 'विवेक एक्सप्रेस' जैसी ट्रेनें 4,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने में 75 से 80 घंटे का समय लेती हैं। वहीं दूसरी तरफ, हमारे देश में एक ऐसा रेल सफर भी मौजूद है जो शुरू होते ही पलक झपकते खत्म हो जाता है। महज 3 किलोमीटर की दूरी और सिर्फ 7 से 9 मिनट का सफर, लेकिन जब इस सफर के टिकट की कीमत सामने आती है, तो किसी का भी दिमाग चकरा जाना तय है। भारत का यह सबसे छोटा और अनोखा रेल रूट अपने आप में बेहद दिलचस्प और हैरान कर देने वाला है।

नागपुर से अजनी: देश का सबसे छोटा सामान्य रेल रूट

भारतीय रेलवे के नियमित नेटवर्क में सबसे कम दूरी का सफर महाराष्ट्र के नागपुर जंक्शन से अजनी रेलवे स्टेशन के बीच दर्ज है। इन दोनों स्टेशनों के बीच की पटरियों की दूरी मात्र 2.8 से 3 किलोमीटर है। नागपुर से रवाना होने के बाद ट्रेन को अपनी पूरी रफ्तार पकड़ने का मौका भी नहीं मिलता और वह 7 से 8 मिनट के भीतर अजनी के प्लेटफॉर्म पर खड़ी हो जाती है। यह रूट रेलवे के इतिहास में दो स्टेशनों के बीच सबसे कम दूरी का आधिकारिक रिकॉर्ड रखता है।

हजारों रुपये का किराया: आखिर क्यों उड़ जाते हैं लोगों के होश?

अक्सर यह सवाल उठता है कि महज 3 किलोमीटर के फासले के लिए जेब इतनी ढीली क्यों करनी पड़ती है? दरअसल, इस रूट पर चलने वाली कई सुपरफास्ट, प्रीमियम और लग्जरी हेरिटेज ट्रेनों के लिए रेलवे का बेस फेयर और मिनिमम डिस्टेंस स्लैब लागू होता है। यदि कोई यात्री इस 3 किलोमीटर के रूट पर किसी प्रीमियम ट्रेन (जैसे राजधानी या दुरंतो के फर्स्ट एसी) या लग्जरी टूरिस्ट ट्रेन के विशेष खंड का टिकट बुक करता है, तो रेलवे के नियमों के अनुसार उससे न्यूनतम 300 से 500 किलोमीटर का बेस फेयर, रिजर्वेशन चार्ज और सुपरफास्ट सरचार्ज वसूला जाता है। लग्जरी टूरिस्ट कोच के पैकेज बुकिंग में यह किराया कई हजार रुपये तक पहुंच जाता है, जिससे यह प्रति किलोमीटर के हिसाब से देश का सबसे महंगा रेल सफर बन जाता है।

लोकल यात्रियों के लिए वरदान और अनोखा अनुभव

आमतौर पर इस दूरी को लोग लोकल ऑटो, कैब या सिटी बस से तय करते हैं, लेकिन नागपुर और अजनी के बीच दैनिक रूप से यात्रा करने वाले कई कर्मचारी और यात्री पैसेंजर व मेमू ट्रेनों के 10 से 30 रुपये वाले सामान्य टिकट से भी यह सफर पूरा करते हैं। नागपुर स्टेशन पर भारी भीड़ से बचने के लिए कई बार लोग अजनी से ट्रेन पकड़ना ज्यादा सुविधाजनक मानते हैं।

रेलवे इतिहास का अनोखा पन्ना

दुनियाभर में जहां जापान और स्विट्जरलैंड अपनी अत्याधुनिक और लंबी बुलेट ट्रेनों के लिए जाने जाते हैं, वहीं भारतीय रेलवे की यह विविधता इसे सबसे अलग बनाती है। हजारों किलोमीटर का लंबा सफर तय करने वाली विशाल ट्रेनों का मात्र 3 किलोमीटर और 7 मिनट के लिए एक स्टेशन पर रुकना, रेलवे संचालन की तकनीकी व्यवस्था और ऐतिहासिक ढांचे का एक नायाब उदाहरण पेश करता है।

Back to top button