सुप्रीम कोर्ट का सख्त ऑर्डर अब परिसर में पान-मसाला थूका तो खैर नहीं, लगाया भारी जुर्माना और पाबंदी

News India Live, Digital Desk : देश की सबसे बड़ी अदालत, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) अब अपनी गरिमा और स्वच्छता को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रही है। अक्सर देखा जाता है कि सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों की दीवारों को पान और गुटखे की पीक से रंग दिया जाता है, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के गलियारों में ऐसा करना भारी पड़ेगा। प्रशासन ने एक नया निर्देश जारी करते हुए परिसर के भीतर पान, मसाला और तंबाकू के सेवन तथा थूकने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।स्वच्छता के लिए जारी हुआ आधिकारिक सर्कुलरसुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार (प्रशासन) की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि परिसर की सुंदरता और स्वच्छता को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।जीरो टॉलरेंस: आदेश के मुताबिक, अब सुप्रीम कोर्ट के किसी भी कोने, गलियारे या वॉशरूम में पान-मसाले की पीक पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।सीसीटीवी से निगरानी: कोर्ट परिसर में लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों के जरिए ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।पकड़े जाने पर क्या होगी कार्रवाई?नया नियम केवल कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि परिसर में आने वाले वकीलों, मुंशियों और आम नागरिकों पर भी लागू होगा:जुर्माना: नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी आर्थिक दंड (Fine) लगाया जाएगा।अनुशासनात्मक कार्रवाई: यदि कोई कर्मचारी बार-बार ऐसा करते पाया गया, तो उसके खिलाफ विभागीय या अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।एंट्री पर रोक: गंभीर मामलों में व्यक्ति का प्रवेश पास (Entry Pass) भी रद्द किया जा सकता है।”पवित्र संस्थान की गरिमा बनाए रखें”सुप्रीम कोर्ट प्रशासन का कहना है कि यह केवल सफाई का मुद्दा नहीं है, बल्कि न्याय के इस सर्वोच्च मंदिर की गरिमा से जुड़ा मामला है। अक्सर विदेशी मेहमान और डेलीगेट्स भी कोर्ट का दौरा करते हैं, ऐसे में दीवारों पर पान के दाग देश की छवि को धूमिल करते हैं। प्रशासन ने वकीलों और बार एसोसिएशन से भी इस मुहिम में सहयोग करने की अपील की है।