90s की हीरोइन का बड़ा धमाका: ‘पेद्दी’ विवाद के बीच रेप सीन्स पर तोड़ी चुप्पी, कहा- ‘तब फिल्मों में यह सब आम

फिल्मी दुनिया में इन दिनों जारी 'पेद्दी' विवाद (Peddi Controversy) ने सोशल मीडिया से लेकर बॉलीवुड के गलियारों तक तहलका मचा रखा है। इस पूरे विवाद के बीच अब 90 के दशक की एक बेहद लोकप्रिय और बेबाक अभिनेत्री का एक ऐसा सनसनीखेज बयान सामने आया है, जिसने पुराने दौर के सिनेमा के एक कड़वे सच को दोबारा चर्चा में ला दिया है। अभिनेत्री ने अपने दौर की फिल्मों का जिक्र करते हुए बिना किसी झिझक के कहा कि उस समय के सिनेमा में 'रेप सीन' (Rape Scenes in Movies) फिल्माना एक बेहद आम बात हुआ करती थी और इसे कहानी का एक जरूरी हिस्सा मान लिया जाता था। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने आज के बदलते दौर और कड़े कानूनों की तारीफ करते हुए कहा कि आज के समय में अगर कोई ऐसा करने की हिमाकत भी करेगा, तो उसे सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी।
पुराने दौर के सिनेमा का वो कड़वा सच जिससे कांप जाती थीं हीरोइनें
अपने इंटरव्यू में इस दिग्गज अभिनेत्री ने 80 और 90 के दशक के उस दौर को याद किया जब स्क्रीन पर विलेन का आतंक दिखाने के लिए जबरन महिलाओं के खिलाफ हिंसा और रेप जैसे सीन्स को फिल्मों में ठूंस दिया जाता था। उन्होंने बताया कि उस वक्त निर्देशकों और निर्माताओं का यह मानना होता था कि ऐसे सीन्स को देखकर दर्शकों में विलेन के प्रति नफरत और हीरो के प्रति सहानुभूति बढ़ती है, जिससे फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट हो जाती थी। लेकिन इस प्रक्रिया में सेट पर अभिनेत्रियों को किस कदर मानसिक तनाव और असहजता से गुजरना पड़ता था, इस पर कोई भी बात करने को तैयार नहीं होता था।
'पेद्दी' विवाद ने कैसे खोली फिल्म इंडस्ट्री की पुरानी परतें
मौजूदा समय में चल रहे 'पेद्दी' विवाद ने फिल्म इंडस्ट्री के भीतर महिलाओं की सुरक्षा, उनके अधिकारों और इंटीमेट सीन्स (Intimate Scenes) के फिल्मांकन के तरीकों पर एक नई बहस छेड़ दी है। 90 के दशक की इस हीरोइन ने इस विवाद को एक सही दिशा देते हुए कहा कि पुराने समय में 'इंटीमेसी कोऑर्डिनेटर' जैसे शब्द सुने भी नहीं गए थे। अभिनेत्रियों को अक्सर सीन के ऐन वक्त पर बताया जाता था कि उन्हें क्या करना है, और कई बार उनके पास मना करने का विकल्प भी नहीं होता था। उन्होंने कहा कि उस दौर में जो कुछ भी स्क्रीन पर परोसा गया, वह आज के आधुनिक और जागरूक समाज में किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हो सकता।
आज के सिनेमाई बदलाव और सख्त कानूनी सुरक्षा की जमकर की तारीफ
अभिनेत्री ने इस बात पर गहरी खुशी और संतोष जाहिर किया कि आज का सिनेमा बहुत बदल चुका है और फिल्म सेट पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कड़े नियम लागू हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में न केवल अभिनेत्रियों को अपनी बात रखने और किसी भी असहज सीन के लिए मना करने की पूरी आजादी है, बल्कि कानून (Strict Laws) भी इतना सख्त हो चुका है कि कोई भी अपनी सीमा पार करने की हिम्मत नहीं कर सकता। अगर आज कोई डायरेक्टर या को-स्टार किसी महिला कलाकार के साथ जबरदस्ती या दुर्व्यवहार करने की कोशिश करता है, तो कानूनन उसका करियर तो खत्म होगा ही, साथ ही वह सीधे जेल के अंदर होगा।