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Karnataka Politics: BJP के Scam Lords पोस्ट पर भड़की कांग्रेस CM सिद्धारमैया और शिवकुमार की मानहानि का आरोप

News India Live, Digital Desk : कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच चल रहा सियासी घमासान अब पुलिस थाने पहुँच गया है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) की शिकायत पर बेंगलुरु की साइबर क्राइम पुलिस ने राज्य भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (X) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की छवि खराब करने के लिए अपमानजनक सामग्री पोस्ट की है।विवाद की जड़: क्या था वो ‘X’ पोस्ट?हाल ही में भाजपा कर्नाटक ने अपने आधिकारिक ‘X’ हैंडल से एक पोस्ट साझा किया था, जिसमें मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार और अन्य मंत्रियों की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था।विवादित कैप्शन: पोस्ट में इन नेताओं को “Scam Lords” (घोटालों के सरदार) बताया गया था।आरोप: भाजपा ने लिखा कि, “यह @INCKarnataka सरकार के घोटाले के साम्राज्य की असली कहानी है, जो दिन-रात कर्नाटक को लूट रही है!!” इसके साथ ही #ScamSarkara जैसे हैशटैग का भी इस्तेमाल किया गया।कांग्रेस का पलटवार: “यह अभिव्यक्ति की आजादी नहीं, साजिश है”केपीसीसी (KPCC) के कानूनी सेल ने अपनी शिकायत में निम्नलिखित तर्क दिए हैं:कांग्रेस के आरोपविवरणचरित्र हननसंवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की छवि को बिना किसी सबूत के धूमिल करने की कोशिश।भ्रामक जानकारी’लूट’ और ‘घोटाले’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर जनता में भ्रम और अराजकता पैदा करना।आपराधिक साजिशइसे केवल राजनीतिक आलोचना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश बताया गया है।भाजपा का जवाब: “भ्रष्टाचार पर चुप नहीं रहेंगे”एफआईआर दर्ज होने के बाद भाजपा ने भी आक्रामक रुख अपनाया है। प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा:6,000 करोड़ का आबकारी घोटाला: भाजपा का दावा है कि राज्य के आबकारी विभाग (Excise Dept) में करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके सबूत सामने आ चुके हैं।जांच की मांग: भाजपा ने आबकारी मंत्री रामप्पा तिम्मापुर के इस्तीफे और पूरे मामले की CBI या हाईकोर्ट के मौजूदा जज से जांच कराने की मांग की है।लोकतांत्रिक विरोध: विजयेंद्र ने कहा कि सरकार पुलिस का इस्तेमाल कर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन जारी रखेंगे।कर्नाटक में बढ़ता ‘डिजिटल वार’यह पहली बार नहीं है जब कर्नाटक में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कानूनी कार्रवाई हुई हो। इससे पहले भी दोनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ एआई (AI) जनरेटेड वीडियो और ‘पे-सीएम’ (PayCM) जैसे अभियानों को लेकर आमने-सामने आ चुकी हैं। जानकारों का मानना है कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए यह ‘डिजिटल युद्ध’ और तेज होगा।ताजा स्थिति: साइबर पुलिस ने आईटी एक्ट और मानहानि की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब पोस्ट करने वाले एडमिन और कंटेंट के स्रोत की तलाश कर रही है।

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