राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा महिला सशक्तिकरण योजना को देश में रोल मॉडल बनाना है, केशव प्रसाद मौर्य

केशव प्रसाद मौर्य ने आज अपने सरकारी आवास7 कालिदास मार्ग,लखनऊ में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM)के अधिकारियों और सहयोगी संस्थाओं (NGOs)के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की जिसमेंTransform rural india, The Nudge, GDI, PCI india, Micro Save Consulting (MSC)एवंHCL Foundation (NGOs)सम्मिलित हुए।1 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य: उपमुख्यमंत्री जी ने पूरे प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों (SHG)की दीदियों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए1 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है । पूर्व में यह लक्ष्य35 लाख का था,जिसे अब व्यापक स्तर पर विस्तारित किया गया है ।आय में वृद्धि: अगले3 वर्षों में35 लाख संभावित लखपति दीदियों (PLDs)की आय में40% की वृद्धि करने का लक्ष्य रखा गया है । संस्थागत ढांचा:1 करोड़SHGसदस्यों को सहायता प्रदान करने के लिए एक मजबूत संस्थागत और प्रणालीगत ढांचा विकसित किया जाएगा । इसके तहत संकुल स्तरीय संघ (CLF)की संस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा । डिजिटल आजीविका: मिशन के तहत अब तक35 लाख डिजिटल आजीविका रजिस्टर (DAR)का निर्माण किया जा चुका है और60,000 कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन्स (CRPs)को प्रशिक्षित करने की योजना है । विभागीय अभिसरण: सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों (जैसे कृषि,पशुपालन,पंचायती राज,औरMSME)के साथ समन्वय (Convergence)पर जोर दिया गया है ताकि महिलाओं को सरकारी पूंजी और संसाधनों का अधिकतम लाभ मिल सके । ड्रोन और कृषि सखी: ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ड्रोन दीदियों का प्रशिक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि सखियों को विशेष सहयोग प्रदान किया जाएगा । हर द्वार आपकी सरकार के तहत कार्य करें। दाल,मसाले,तेल,खाद्य प्रदार्थ को खाद्य प्रसंस्करण विभाग से समन्वय स्थापित कर ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनायें। बैट्री रिक्शा,बैंक सखियों की संख्या को बढ़ाएं और उनको एलआईसी से जोड़ा जाये. शहरी एवं ग्रामीण स्तर पर रिटेल स्टोर बनायें,समूह के उत्पादित सामग्रियों की बिक्री करायी जाये।बैठक में सोरभ बाबु,प्रमुख सचिव,ग्राम विकास,जी.एस. प्रियदर्शी,आयुक्त,ग्राम विकास एवं निदेशक,राज्य आजीविका मिशन के साथ वरिष्ठ अधिकारी औरHCL Foundation,ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) जैसी प्रमुख सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे ।