लखनऊ में खूनी मांझे का तांडव राजस्व निरीक्षक का कान कटा, भाजपा कार्यकर्ता का गला रेता शहर में दहशत

News India Live, Digital Desk: नवाबों के शहर लखनऊ की सड़कों पर अब मौत का साया मंडरा रहा है। प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से बिक रहे चीनी मांझे ने शहर में कोहराम मचा दिया है। बीते 24 घंटों के भीतर खूनी मांझे की चपेट में आने से दो अलग-अलग घटनाओं में एक राजस्व निरीक्षक और एक भाजपा कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। इस जानलेवा मांझे ने एक का कान अलग कर दिया तो दूसरे का गला बुरी तरह रेत दिया। इन घटनाओं के बाद राजधानी में हड़कंप मच गया है और पुलिस प्रशासन की सख्ती पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।राजस्व निरीक्षक का कट गया कान, सड़क पर बही खून की धार पहली घटना गोमती नगर इलाके की बताई जा रही है, जहां ड्यूटी से घर लौट रहे राजस्व निरीक्षक (Revenue Inspector) अचानक पतंग की डोर की चपेट में आ गए। बाइक की रफ्तार होने के कारण मांझा उनके चेहरे और कान को चीरता हुआ निकल गया। चश्मदीदों के मुताबिक, मंजर इतना खौफनाक था कि निरीक्षक का कान बुरी तरह कटकर लटक गया और सड़क पर खून की धार बहने लगी। राहगीरों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुँचाया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।भाजपा कार्यकर्ता का गला रेता, बाल-बाल बची जान दूसरी वारदात चौक थाना क्षेत्र के पास हुई, जहां एक भाजपा कार्यकर्ता अपनी स्कूटी से जा रहे थे। तभी आसमान से झूलता हुआ चीनी मांझा उनके गले में फंस गया। जैसे ही उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की, धारदार मांझे ने उनके गले की खाल को गहराई तक काट दिया। गनीमत रही कि समय रहते उन्होंने गाड़ी रोक दी, वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था। घायल कार्यकर्ता को तुरंत ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां उनके गले में कई टांके लगाने पड़े हैं।प्रतिबंध के बाद भी ‘यमराज’ बनकर उड़ रहा चीनी मांझा हैरानी की बात यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन ने चीनी मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर कड़ा प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद लखनऊ के पुराने इलाकों और घनी बस्तियों में यह जानलेवा मांझा धड़ल्ले से बिक रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस केवल कागजों पर कार्रवाई करती है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि हर मोड़ पर यह खूनी डोर लोगों की जान लेने के लिए तैयार बैठी है। प्रशासन की इस ढिलाई का खामियाजा अब बेगुनाह लोगों को भुगतना पड़ रहा है।पुलिस की छापेमारी और जनता में आक्रोश इन दो बड़ी घटनाओं के बाद लखनऊ पुलिस ने आनन-फानन में कई इलाकों में छापेमारी शुरू की है। पुलिस का दावा है कि पतंग की दुकानों की चेकिंग की जा रही है और प्रतिबंधित मांझा बेचने वालों पर रासुका (NSA) जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, जनता में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब तक सप्लाई चेन को पूरी तरह खत्म नहीं किया जाता, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस ‘खूनी खेल’ को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।