Vaishakh Maah 2026 : पुण्यकारी वैशाख माह, छप्पर फाड़ बरसेगी श्रीहरि की कृपा, भाग्य चमकाने के लिए जरूर करें 4 चीजों का दान

News India Live, Digital Desk: हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल 3 अप्रैल 2026 से साल के सबसे पवित्र माने जाने वाले ‘वैशाख’ महीने की शुरुआत होने जा रही है। स्कंद पुराण में इस मास की महिमा का बखान करते हुए इसे सभी महीनों में सर्वश्रेष्ठ बताया गया है। इस पावन महीने में भगवान विष्णु के ‘मधुसूदन’ स्वरूप की विशेष पूजा-आराधना करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख माह में किए गए जप, तप, स्नान और दान से जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैं। अगर आप भी श्रीहरि विष्णु और धन की देवी माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो इस महीने कुछ खास नियमों का पालन जरूर करें। आइए आपको तफसील से बताते हैं कि वैशाख मास में क्या करें, क्या न करें और किन चीजों का दान आपकी सोई हुई किस्मत को जगा सकता है।वैशाख माह में क्या करें? इस पावन महीने में भगवान नारायण के साथ-साथ तुलसी माता की पूजा का विशेष महत्व है। पूरे महीने प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर और शाम ढलने के बाद तुलसी के पौधे के सामने शुद्ध घी का दीपक अवश्य जलाएं। ऐसा करने से श्रीहरि अत्यंत प्रसन्न होते हैं। इसके अलावा, गर्मी के इस मौसम में अपनी छत या आंगन में बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए जल और दाने की व्यवस्था जरूर करें। यह सबसे बड़ा परोपकार माना गया है।भूलकर भी न करें ये गलतियां वैशाख के महीने में कुछ कड़े नियमों का पालन करना भी जरूरी है। शास्त्रों के अनुसार, इस माह में सूर्योदय के बाद तक बिस्तर पर पड़े रहना यानी देर तक सोना वर्जित है। सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान कर लें। इस दौरान तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज) से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें, अन्यथा आपके पुण्य फलों का नाश हो सकता है। सबसे अहम बात, इस महीने जल को देवता के समान माना गया है, इसलिए पानी की एक बूंद भी बर्बाद न करें।वैशाख में इन 4 चीजों का दान बदल देगा आपकी किस्मतजल और घड़े का दान वैशाख के महीने से भीषण गर्मी का प्रकोप शुरू हो जाता है। ऐसे में राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना या किसी ब्राह्मण को जल से भरे मिट्टी के घड़े का दान करना महापुण्यकारी माना गया है। मान्यता है कि जल दान करने से हमारे पितर तृप्त और प्रसन्न होते हैं।सत्तू और मौसमी फलों का दान गर्मी से राहत देने वाले मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूजा और बेल का दान करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। इसके साथ ही, इस महीने में सत्तू का दान करना बेहद शुभ माना जाता है, जिससे धन-धान्य में बरकत होती है।छाता और चप्पल का दान ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वैशाख की चिलचिलाती धूप में किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को छाता और चप्पल (जूते) का दान करने से मानसिक तनाव दूर होता है। इस अचूक उपाय से कुंडली में मौजूद राहु-केतु के अशुभ दोष भी शांत हो जाते हैं और जीवन से भ्रम की स्थिति दूर होती है।वस्त्रों का दान इस पावन मास में अपने सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को सूती वस्त्रों का दान करने से समाज में यश और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। ऐसा करने से कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति मजबूत होती है और हर कार्य में सफलता मिलती है।