अमिताभ बच्चन की दीवार को लायन अजीत ने क्यों किया था रिजेक्ट? बेटे शहजाद खान ने खोला बरसों पुराना राज

News India Live, Digital Desk: बॉलीवुड के इतिहास में ‘दीवार’ (Deewar) एक ऐसी फिल्म है जिसने अमिताभ बच्चन को ‘एंग्री यंग मैन’ के रूप में अमर कर दिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फिल्म के एक बेहद अहम किरदार के लिए मेकर्स की पहली पसंद ‘लॉयन’ के नाम से मशहूर दिग्गज विलेन अजीत (Ajit) थे? हाल ही में उनके बेटे और अभिनेता शहजाद खान ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि आखिर क्यों उनके पिता ने इस कल्ट क्लासिक फिल्म का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया था। अजीत फिल्म की कहानी के अंत यानी ‘क्लाइमैक्स’ में एक बड़ा बदलाव चाहते थे।यश चोपड़ा और सलीम-जावेद के ऑफर को क्यों ठुकराया?फिल्म ‘दीवार’ में मदन पुरी द्वारा निभाया गया किरदार ‘सामंत’ (जो विजय को तस्करी की दुनिया में लाता है), असल में अजीत को ऑफर किया गया था। शहजाद खान के मुताबिक, जब निर्देशक यश चोपड़ा और लेखक जोड़ी सलीम-जावेद यह रोल लेकर अजीत के पास पहुंचे, तो उन्होंने पूरी स्क्रिप्ट सुनी। अजीत को अपना किरदार पसंद आया, लेकिन फिल्म का अंत उन्हें खटक गया। अजीत का मानना था कि जिस विजय (अमिताभ बच्चन) को उन्होंने पाला-पोसा और बड़ा किया, उसे मरते हुए देखना उनके किरदार की छवि के अनुकूल नहीं था।क्लाइमैक्स पर अड़ गए थे अजीत, नहीं मानी बातअजीत चाहते थे कि फिल्म के आखिरी दृश्य में जब अमिताभ बच्चन का किरदार (विजय) मर रहा हो, तो उनका किरदार वहां मौजूद रहे और विजय उनकी बाहों में दम तोड़े। अजीत का तर्क था कि इससे फिल्म का इमोशनल ड्रामा और गहरा होगा। हालांकि, सलीम-जावेद और यश चोपड़ा अपनी लिखी स्क्रिप्ट को लेकर पूरी तरह स्पष्ट थे। वे चाहते थे कि विजय की मौत उसकी माँ (निरूपा रॉय) की गोद में ही हो, क्योंकि पूरी फिल्म ‘माँ’ के इर्द-गिर्द बुनी गई थी। विचारों के इस टकराव के कारण अजीत ने इस बड़ी फिल्म को ‘ना’ कह दिया।’दीवार’ छूटने का नहीं था कोई मलालशहजाद खान ने बताया कि उनके पिता अपने सिद्धांतों के पक्के थे। उन्होंने फिल्म ठुकरा दी, लेकिन बाद में जब ‘दीवार’ रिलीज हुई और सुपर-डुपर हिट रही, तो उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं था। अजीत का मानना था कि एक कलाकार को अपने किरदार की गरिमा और कहानी की तार्किकता के साथ समझौता नहीं करना चाहिए। बाद में यह रोल मदन पुरी ने निभाया और उन्होंने भी अपनी अदाकारी से इसे यादगार बना दिया। अजीत उस समय अपनी मशहूर ‘मोना डार्लिंग’ और ‘स्मार्ट विलेन’ वाली छवि के साथ खुद को व्यस्त रख रहे थे।आज भी चर्चा में रहते हैं ‘लॉयन’ के किस्सेअजीत बॉलीवुड के उन चुनिंदा खलनायकों में से एक थे जिन्होंने विलेन को एक ‘क्लास’ और ‘स्टाइल’ दिया। उनके डायलॉग डिलीवरी का अंदाज़ आज भी मिमिक्री कलाकारों की पहली पसंद है। उनके बेटे शहजाद खान अक्सर अपने पिता से जुड़े दिलचस्प किस्से साझा करते रहते हैं। ‘दीवार’ से जुड़ा यह नया खुलासा फिल्म प्रेमियों के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं है। यह दिखाता है कि उस दौर के कलाकार अपनी भूमिका के वजन और कहानी के प्रभाव को लेकर कितने गंभीर हुआ करते थे।