Lok Sabha Debate : राहुल गांधी के भाषण पर निशिकांत दुबे का तंज, महिला आरक्षण पर सदन में भिड़ंत

News India Live, Digital Desk: संसद के विशेष सत्र के दौरान शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) को लोकसभा में उस समय ठहाके और शोर सुनाई दिया, जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के भाषण पर तीखा प्रहार किया। महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान निशिकांत दुबे ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि नेता प्रतिपक्ष आज देश की माताओं और बहनों के अधिकारों पर कुछ गंभीर बात करेंगे, लेकिन उनका भाषण देखकर ऐसा लगा जैसे कोई पीसी सरकार का जादू शो चल रहा हो या फिर माइकल जैक्सन का डांस शो।निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर हमलाराहुल गांधी द्वारा बिल को ‘राष्ट्र विरोधी’ और ‘चुनावी जुमला’ बताए जाने के बाद निशिकांत दुबे ने मोर्चा संभाला। उनके भाषण की मुख्य बातें:जादू और डांस से तुलना: दुबे ने कहा, “जब उन्होंने (राहुल गांधी) बोलना शुरू किया और जब खत्म किया, तो समझ नहीं आया कि वे संसद में भाषण दे रहे हैं या कोई मनोरंजन शो कर रहे हैं। उनके शब्दों में न कोई तथ्य था और न ही महिलाओं के प्रति गंभीरता।”समानता का दावा: दुबे ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के लिए हर वर्ग समान है—चाहे वह SC, ST हो या पिछड़ा वर्ग। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल जाति के नाम पर देश को बांटने का जादू दिखा रही है।राहुल गांधी ने क्या कहा था?इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बिल का पुरजोर विरोध करते हुए इसे ‘पैनिक रिएक्शन’ (Panic Reaction) बताया था।ईमानदारी पर सवाल: राहुल ने कहा कि यह बिल महिलाओं को आरक्षण देने के लिए नहीं, बल्कि दक्षिण भारत, उत्तर-पूर्वी राज्यों और छोटे राज्यों का प्रतिनिधित्व छीनने के लिए लाया गया है।चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं की आड़ में देश का चुनावी नक्शा (Electoral Map) बदलना चाहती है और यह कदम ‘राष्ट्र-विरोधी’ है।17 अप्रैल की घटना का जिक्रनिशिकांत दुबे ने सदन में राहुल गांधी द्वारा उठाए गए ‘डर’ और ‘कायर’ जैसे शब्दों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विपक्ष विकास से ध्यान भटकाने के लिए केवल शोर-शराबे का सहारा ले रहा है। दुबे ने यह भी याद दिलाया कि कैसे सरकार ने 16 अप्रैल को पुराने कानून को लागू किया ताकि 2029 में महिलाओं को उनका हक मिल सके, लेकिन विपक्ष इसे पचा नहीं पा रहा है।मतदान की घड़ी करीबआज शाम 4 बजे इस ऐतिहासिक विधेयक पर वोटिंग होनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मतदान करने की अपील की है। हालांकि, राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने इस बिल को गिराने की रणनीति तैयार की है, जिससे सदन में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।