ईरान पर हमले की तैयारी में अमेरिका? हाई-लेवल मीटिंग के बाद गोल्फ खेलने निकले डोनाल्ड ट्रंप मिडिल ईस्ट में तनाव गहराया

News India Live, Digital Desk: वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक की है। हालांकि, युद्ध की सुगहाहट के बीच राष्ट्रपति ट्रंप का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। सुरक्षा परिषद के साथ घंटों चली रणनीतिक चर्चा के तुरंत बाद वे गोल्फ खेलने निकल गए, जिसने अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों को चौंका दिया है।हाई-लेवल मीटिंग में युद्ध की रणनीति पर चर्चाअमेरिकी रक्षा मुख्यालय ‘पेंटागन’ और व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई इस गुप्त बैठक में मिडिल ईस्ट के ताजा हालात की समीक्षा की गई। सूत्रों का दावा है कि इस बैठक में ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने के विकल्पों पर विचार किया गया है। अमेरिका का मानना है कि ईरान की बढ़ती परमाणु गतिविधियां और क्षेत्र में उसके समर्थित गुटों के हमले अमेरिकी हितों के लिए बड़ा खतरा हैं। इस बैठक के बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिका किसी भी वक्त बड़ा कदम उठा सकता है।ट्रंप का ‘गोल्फ डिप्लोमेसी’ या बेफिक्र अंदाज?इतने गंभीर मुद्दे पर बैठक करने के ठीक बाद डोनाल्ड ट्रंप को फ्लोरिडा में गोल्फ खेलते हुए देखा गया। आलोचक इसे उनकी बेफिक्री बता रहे हैं, वहीं समर्थकों का कहना है कि यह राष्ट्रपति का मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का तरीका है। यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने किसी बड़े संकट के दौरान खेल के प्रति अपनी रुचि दिखाई हो। जानकारों का मानना है कि यह विरोधियों को संदेश देने की कोशिश हो सकती है कि अमेरिका पूरी तरह शांत और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।ईरान की जवाबी चेतावनी: ‘आग से न खेले अमेरिका’दूसरी ओर, तेहरान ने भी अमेरिका को सख्त चेतावनी जारी की है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यदि अमेरिका ने उनके देश पर किसी भी तरह का हमला किया, तो इसका अंजाम पूरी दुनिया को भुगतना होगा। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए वह हर संभव पलटवार करेगा। इस बयानबाजी ने वैश्विक तेल बाजार में भी हलचल पैदा कर दी है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका बढ़ गई है।दुनिया भर की टिकी हैं नजरेंसंयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच सीधा टकराव होता है, तो यह पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर सकता है। फिलहाल, व्हाइट हाउस ने आधिकारिक तौर पर हमले की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सैन्य हलचल और राष्ट्रपति की उच्च स्तरीय बैठकों ने साफ कर दिया है कि अमेरिका ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है।