DU-Jamia New Courses: मेडिकल की पढ़ाई करने वालों के लिए खुशखबरी! DU और जामिया शुरू कर रहे हैं नए कोर्स

News India Live, Digital Desk: दिल्ली में मेडिकल की पढ़ाई करने का सपना देख रहे छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। देश के दो दिग्गज केंद्रीय विश्वविद्यालयों दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) ने अपने मेडिकल विंग को नया विस्तार देने का फैसला किया है। जामिया जहां एमडीएस (MDS) जैसे मास्टर कोर्स शुरू करने की तैयारी में है, वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी नए सुपर-स्पेशियलिटी कोर्सेज को हरी झंडी दे दी है। इस कदम से न केवल मेडिकल सीटों में बढ़ोतरी होगी, बल्कि छात्रों को रिसर्च और विशेषज्ञता के नए अवसर भी मिलेंगे।जामिया मिलिया इस्लामिया: मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (MDS) का होगा आगाजजामिया मिलिया इस्लामिया के फैकल्टी ऑफ डेंटिस्ट्री के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। विश्वविद्यालय जल्द ही ‘मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी’ (MDS) कोर्स शुरू करने जा रहा है। डेंटल के जो छात्र स्नातक (BDS) के बाद विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प होगा। जामिया ने इसके लिए अपनी आधारभूत संरचना और सुविधाओं को और अधिक उन्नत किया है ताकि छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा मिल सके।दिल्ली विश्वविद्यालय (DU): सुपर-स्पेशियलिटी कोर्सेज पर जोरदिल्ली विश्वविद्यालय के मेडिकल साइंसेज विभाग ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। डीयू प्रशासन के अनुसार, विश्वविद्यालय जल्द ही कई नए डीएम (DM) और एमसीएच (M.Ch) कोर्स लॉन्च करने वाला है। ये कोर्स विशेष रूप से उन डॉक्टरों के लिए होंगे जो कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे सुपर-स्पेशियलिटी क्षेत्रों में गहन अध्ययन करना चाहते हैं। इन कोर्सेज को डीयू से संबद्ध अस्पतालों जैसे मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और लेडी हार्डिंग में संचालित किया जाएगा।दाखिला प्रक्रिया: क्या होंगे नियम?इन नए कोर्सेज में दाखिले के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षाओं को ही आधार बनाया जाएगा।MDS के लिए: छात्रों को NEET-MDS की परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।सुपर-स्पेशियलिटी के लिए: NEET-SS के अंकों के आधार पर काउंसलिंग के जरिए सीटें आवंटित की जाएंगी। दाखिले की विस्तृत समय-सारणी जल्द ही विश्वविद्यालयों की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।मेडिकल हब बनेगी दिल्ली, छात्रों को होगा फायदाविशेषज्ञों का मानना है कि इन दो बड़े विश्वविद्यालयों में सीटों और कोर्सेज की बढ़ोतरी से दिल्ली एक प्रमुख ‘मेडिकल एजुकेशन हब’ के रूप में उभरेगी। छात्रों को अब उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों या विदेशों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा, अस्पतालों में रेजिडेंट डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से मरीजों की देखभाल और चिकित्सा सेवाओं में भी काफी सुधार होने की उम्मीद है।युवाओं के लिए नए अवसरजामिया और डीयू के इस विस्तार से केवल डॉक्टर ही नहीं, बल्कि पैरामेडिकल और रिसर्च सेक्टर से जुड़े युवाओं के लिए भी रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। यदि आप भी मेडिकल क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो इन विश्वविद्यालयों के अपडेट्स पर नजर बनाए रखें।