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Bihar Politics 2026 : सम्राट चौधरी के राज में नीतीश को तेज प्रताप ने दिए 10 में से 9 नंबर बोले कुर्सी छोड़ भागे नहीं

News India Live, Digital Desk: बिहार में पिछले 21 सालों से सत्ता के केंद्र रहे नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद भाजपा के सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल 2026 को बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस बड़े बदलाव के बीच लालू यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने नीतीश कुमार के काम को सराहते हुए उन्हें ‘90% पास’ बताया है।1. नीतीश कुमार का ‘रिपोर्ट कार्ड’: 9/10नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद जब मीडिया ने तेज प्रताप यादव से उनके कार्यकाल पर सवाल पूछा, तो उन्होंने सबको चौंका दिया।सकारात्मक रुख: आमतौर पर तीखे हमले करने वाले तेज प्रताप ने कहा, “नीतीश चाचा ने बिहार के लिए बहुत काम किया है। अगर मुझे उन्हें नंबर देने हों, तो मैं 10 में से 9 नंबर दूँगा।” “भागे नहीं हैं”: उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज किया कि नीतीश कुमार हार मानकर भाग रहे हैं। तेज प्रताप ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से राज्यसभा जाने और नई पीढ़ी को मौका देने का फैसला किया है।2. सम्राट चौधरी: बिहार के पहले ‘विशुद्ध’ भाजपा सीएम15 अप्रैल 2026 को पटना के लोक भवन में आयोजित समारोह में सम्राट चौधरी ने पद और गोपनीयता की शपथ ली।इतिहास रचा: सम्राट चौधरी बिहार में भाजपा के पहले ऐसे नेता बन गए हैं जो मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचे हैं। इससे पहले भाजपा हमेशा गठबंधन में जूनियर पार्टनर या डिप्टी सीएम के पद तक ही सीमित रही थी।शपथ और संकल्प: शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी और नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएंगे।3. नीतीश युग का अंत और नया सफर75 वर्षीय नीतीश कुमार ने 14 अप्रैल को राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा।राज्यसभा का रुख: नीतीश कुमार अब राज्यसभा के सदस्य के रूप में केंद्र की राजनीति में सक्रिय होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नई सरकार को अपना पूरा सहयोग और मार्गदर्शन देते रहेंगे।10 बार मुख्यमंत्री: अपने करियर में 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार का नाम भारतीय राजनीति के रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया है।4. विपक्ष का मिला-जुला रुखजहाँ तेज प्रताप यादव ने नीतीश कुमार के प्रति नरम रुख दिखाया, वहीं राजद के अन्य नेताओं ने इसे भाजपा की ‘पिछवाड़े के रास्ते से सत्ता हथियाने की रणनीति’ करार दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेज प्रताप का यह बयान भविष्य में जेडीयू और राजद के बीच किसी नए समीकरण की संभावनाओं को खुला रख सकता है।

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