देश

पहलगाम आतंकी हमले के बीच देवदूत बना आदिल शाह, महाराष्ट्र के तीर्थयात्रियों की बचाई जान, एकनाथ शिंदे ने भी बांधे तारीफों के पुल

News India Live, Digital Desk: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए कायराना आतंकी हमले के बीच इंसानियत की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने पूरे देश का दिल जीत लिया है। महाराष्ट्र से गए तीर्थयात्रियों के लिए एक स्थानीय कश्मीरी युवक ‘आदिल शाह’ ढाल बनकर खड़ा हो गया। इस जांबाज युवक ने अपनी जान की परवाह किए बिना आतंकियों की गोलियों के बीच फंसे सैलानियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस बहादुरी के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने खुद आदिल शाह की तारीफ की है और उन्हें शुक्रिया कहा है।गोलियों की गड़गड़ाहट और जान पर बनी आफतघटना उस वक्त की है जब महाराष्ट्र के कुछ परिवार पहलगाम के पास ठहरे हुए थे। अचानक आतंकियों ने इलाके को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और सैलानियों को समझ नहीं आ रहा था कि वे अपनी जान बचाने के लिए कहाँ जाएं। इसी दौरान स्थानीय गाइड और टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम करने वाले आदिल शाह ने मोर्चा संभाला। आतंकियों की मौजूदगी के बावजूद आदिल ने सूझबूझ दिखाई और पर्यटकों को कवर देते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जताया आभारजब इस घटना की जानकारी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया। शिंदे ने न केवल तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि आदिल शाह के साहस को भी सराहा। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय ने आदिल की मदद और निस्वार्थ सेवा को सलाम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय में ऐसी वीरता यह दर्शाती है कि कश्मीरियत और इंसानियत आज भी नफरत से कहीं ऊपर है।सोशल मीडिया पर ‘हीरो’ बने आदिल शाहपहलगाम हमले के बाद सोशल मीडिया पर आदिल शाह की तस्वीर और उनकी बहादुरी के किस्से तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग उन्हें ‘कश्मीर का असली हीरो’ बता रहे हैं। यात्रियों ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि अगर उस वक्त आदिल वहां मौजूद नहीं होते, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। आतंकियों ने पर्यटकों की बस को निशाना बनाया था, लेकिन आदिल की त्वरित प्रतिक्रिया ने कई घरों के चिराग बुझने से बचा लिए।सुरक्षा एजेंसियों का सर्च ऑपरेशन जारीइस हमले के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। हालांकि, इस दुखद घटना के बीच आदिल शाह जैसे लोगों की कहानियां उम्मीद की किरण बनकर उभरी हैं। सरकार अब आदिल जैसे युवाओं को सम्मानित करने पर भी विचार कर रही है, जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ खड़े होकर मानवता की मिसाल पेश की है।

Back to top button