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Noida Water Crisis : नोएडा में पाताल जा रहा है पानी डार्क जोन की कगार पर हाईटेक सिटी, आने वाले दिनों में बूंद-बूंद को तरसेंगे लोग

News India Live, Digital Desk : अगर आप नोएडा में रहते हैं और बेधड़क पानी बहा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। दिल्ली से सटे इस हाईटेक शहर का ‘वॉटर लेवल’ (Ground Water Level) बेहद डरावनी रफ्तार से नीचे गिर रहा है। ताज़ा आंकड़ों ने प्रशासन और पर्यावरणविदों की नींद उड़ा दी है। शहर के कई सेक्टर अब ‘डार्क जोन’ में जाने की कगार पर हैं, जिसका सीधा मतलब है कि भविष्य में यहाँ जमीन से पानी निकालना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।हर साल 1 से 1.5 मीटर नीचे खिसक रहा है जलस्तरनोएडा प्राधिकरण और भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, शहर के अधिकांश हिस्सों में भूजल स्तर प्रतिवर्ष 1 से 1.5 मीटर तक नीचे गिर रहा है। कुछ साल पहले तक जहाँ 20 से 30 फीट पर पानी मिल जाता था, अब वहां 100 से 150 फीट की खुदाई के बाद भी नमी नहीं मिल रही है। सेक्टर-62, 63 और नोएडा एक्सटेंशन (ग्रेटर नोएडा वेस्ट) जैसे इलाकों में स्थिति और भी ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है।बिल्डरों की लापरवाही और कंक्रीट का जालनोएडा में पानी की इस किल्लत के पीछे बेतहाशा शहरीकरण को मुख्य कारण माना जा रहा है। ऊंची-ऊंची सोसाइटियों के निर्माण के लिए बिल्डरों द्वारा धड़ल्ले से किए गए अवैध बोरिंग ने जमीन को खोखला कर दिया है। इसके अलावा, पूरे शहर में सड़कों और फुटपाथों पर कंक्रीट का जाल बिछा होने के कारण बारिश का पानी जमीन के अंदर नहीं जा पा रहा है। ‘रेन वॉटर हार्वेस्टिंग’ (Rain Water Harvesting) सिस्टम कागजों पर तो दुरुस्त हैं, लेकिन जमीन पर अधिकांश खराब पड़े हैं।इन इलाकों में गहराया सबसे बड़ा संकटरिपोर्ट्स की मानें तो नोएडा के सेक्टर-15, 18, 27 और औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ घनी आबादी वाले गांवों में जलस्तर सबसे तेजी से गिरा है। भूजल की कमी के कारण अब पानी की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। कई जगहों पर टीडीएस (TDS) लेवल इतना बढ़ गया है कि पानी पीने लायक नहीं रहा और मशीनें भी फेल हो रही हैं।अथॉरिटी की चेतावनी: नहीं संभले तो लगेगा भारी जुर्मानानोएडा प्राधिकरण ने अब पानी की बर्बादी रोकने के लिए सख्त रुख अपनाने का मन बना लिया है। गाड़ियों को पाइप से धोने, सड़क पर पानी बहाने या बिना अनुमति के कमर्शियल बोरिंग करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने की तैयारी है। साथ ही, पुरानी सोसाइटियों को अपने हार्वेस्टिंग सिस्टम ठीक करने के लिए अंतिम नोटिस जारी किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द ही ‘वॉटर रीचार्ज’ पर काम नहीं हुआ, तो नोएडा को आने वाले समय में भीषण जल संकट का सामना करना पड़ेगा।

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