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नेपाल की राजनीति में महासंग्राम भ्रष्टाचार के जाल में फंसे गृह मंत्री सुदान किराती, क्या गिर जाएगी प्रचंड सरकार?

News India Live, Digital Desk:पड़ोसी देश नेपाल की राजनीति में इस वक्त जबरदस्त भूचाल आया हुआ है। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों ने पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ सरकार की नींव हिला दी है। ताजा मामला देश के गृह मंत्री सुदान किराती (Sudan Gurung Kirati) से जुड़ा है, जिन पर पद का दुरुपयोग करने और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। काठमांडू की गलियों से लेकर संसद तक इस वक्त केवल गृह मंत्री के इस्तीफे और इस ‘स्कैम’ की चर्चा हो रही है। विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता का खतरा और बढ़ गया है।सत्ता की हनक और भ्रष्टाचार का खेल: क्या है पूरा मामला?गृह मंत्री सुदान किराती पर आरोप है कि उन्होंने कुछ खास व्यापारिक घरानों को फायदा पहुँचाने के लिए सरकारी नियमों में बदलाव किए। इसके अलावा, पुलिस विभाग में तबादलों और नियुक्तियों को लेकर भी करोड़ों रुपये के लेन-देन की खबरें सामने आ रही हैं। नेपाल की जांच एजेंसियों को कुछ ऐसे पुख्ता सबूत मिले हैं, जो सीधे तौर पर गृह मंत्रालय के भीतर चल रहे भ्रष्टाचार के संगठित तंत्र की ओर इशारा करते हैं। इस खुलासे के बाद से ही किराती के खिलाफ जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।’प्रचंड’ सरकार की साख पर बट्टा, अपनों ने ही खोला मोर्चानेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ के लिए यह स्थिति ‘उगलें तो तीखा, निगलें तो कड़वा’ जैसी हो गई है। एक तरफ जहाँ वे अपनी सरकार को भ्रष्टाचार मुक्त होने का दावा करते रहे हैं, वहीं उनके ही कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण मंत्री पर लगे इन आरोपों ने सरकार की छवि को धूमिल कर दिया है। गठबंधन के सहयोगी दलों के भीतर भी सुदान किराती को लेकर असंतोष पनप रहा है। चर्चा है कि यदि जल्द ही किराती पर कार्रवाई नहीं हुई, तो गठबंधन के कुछ दल सरकार से समर्थन वापस ले सकते हैं।विपक्ष की ललकार: ‘सड़क से सदन तक होगा आंदोलन’नेपाल की मुख्य विपक्षी पार्टी ‘नेपाली कांग्रेस’ और ‘यूएमएल’ (UML) ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया है। संसद की कार्यवाही को लगातार बाधित किया जा रहा है और गृह मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की जा रही है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सुदान किराती के पद पर रहते हुए निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। काठमांडू में कई जगहों पर छात्र संगठनों ने गृह मंत्री का पुतला फूँका और जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा है।क्या जेल जाएंगे गृह मंत्री? जांच एजेंसियों की पैनी नजरनेपाल का भ्रष्टाचार निवारण निकाय (CIAA) इस मामले की बारीकी से जांच कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ संदिग्ध बैंक खातों और विदेशी संपत्तियों का पता चला है, जिनका संबंध गृह मंत्री के करीबियों से हो सकता है। अगर ये आरोप सिद्ध हो जाते हैं, तो सुदान किराती को न केवल अपनी कुर्सी गंवानी पड़ेगी, बल्कि उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भी जाना पड़ सकता है। नेपाल की जनता अब यह देख रही है कि ‘प्रचंड’ अपने मंत्री को बचाते हैं या न्याय का साथ देते हैं।

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