Goddess Ganga 2026: माँ गंगा के इन 108 नामों में छिपा है सुख-समृद्धि का रहस्य, आज जाप करने से धुल जाएंगे जन्मों के पाप

News India Live, Digital Desk: आज 23 अप्रैल 2026 को पूरा देश ‘गंगा सप्तमी’ का पावन पर्व मना रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन माँ गंगा स्वर्ग लोक से शिव की जटाओं में पधारी थीं। शास्त्रों में उल्लेख है कि माँ गंगा का केवल नाम स्मरण करने मात्र से मनुष्य के कायिक, वाचिक और मानसिक पापों का शमन हो जाता है। विशेष रूप से आज के दिन माँ गंगा के 108 नामों (Goddess Ganga 108 Names) का श्रद्धापूर्वक जाप करना किसी भी तीर्थ यात्रा के समान फलदायी माना गया है।माँ गंगा के 108 नामों के जाप के चमत्कारी लाभधार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जो भक्त गंगा सप्तमी पर माँ गंगा के अष्टोत्तर शतनाम (108 नामों) का पाठ करते हैं, उन्हें निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं:पापों से मुक्ति: अनजाने में हुए 10 तरह के पापों (दसविध पाप) से मुक्ति मिलती है।पितृ दोष का निवारण: इन नामों का जाप करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और कुल का उद्धार होता है।मानसिक शांति: गंगा माँ शीतलता का प्रतीक हैं, इनके नामों के जाप से मानसिक तनाव और भय दूर होता है।आरोग्य की प्राप्ति: जो लोग लंबी बीमारी से जूझ रहे हैं, उनके लिए आज गंगाष्टक या 108 नामों का पाठ रामबाण माना गया है।प्रमुख नाम और उनका अर्थगंगा जी के 108 नामों में उनके स्वरूप और महिमा का वर्णन है। यहाँ कुछ प्रमुख नाम दिए गए हैं:गंगा: विष्णु के चरणों से निकलने वाली।विष्णुपादाब्जसंभूता: भगवान विष्णु के चरण कमलों से उत्पन्न।भागीरथी: राजा भगीरथ की तपस्या से पृथ्वी पर आने वाली।जाह्नवी: ऋषि जह्नु की पुत्री के रूप में पहचानी जाने वाली।त्रिपथगा: तीनों लोकों (स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल) में बहने वाली।पापहारिणी: समस्त पापों को हरने वाली।आज के दिन कैसे करें जाप? (पूजन विधि)आज गंगा सप्तमी पर यदि आप गंगा तट पर नहीं जा सकते, तो अपने घर में ही यह सरल विधि अपनाएं:स्नान: जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।संकल्प: माँ गंगा का ध्यान कर दीप जलाएं और उनके 108 नामों के जाप का संकल्प लें।जाप विधि: एक स्वच्छ आसन पर बैठकर शांत मन से नामों का उच्चारण करें। यदि संभव हो तो प्रत्येक नाम के साथ सफेद फूल या अक्षत (चावल) अर्पित करें।आरती: अंत में “ॐ जय गंगे माता” की आरती गाएं और सामर्थ्य अनुसार गरीबों को दान दें।विशेष संयोग: गुरुवार और गंगा सप्तमीआज गुरुवार का दिन होने के कारण माँ गंगा की पूजा का महत्व और बढ़ गया है। भगवान विष्णु के चरणों से निकलने वाली गंगा और जगत गुरु बृहस्पति (गुरुवार) का यह मिलन शिक्षा, ज्ञान और धन वृद्धि के लिए अत्यंत शुभ है। आज शाम को गंगाजल से घर का शुद्धिकरण करना सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।