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कन्कशन नियम पर मचा बवाल चोट कंधे में लगी तो शार्दुल ठाकुर कैसे बने सैंटनर के विकल्प? समझें पूरा गणित

News India Live, Digital Desk: इंडियन प्रीमियर लीग के रोमांच के बीच नियमों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। मुकाबला था चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का, लेकिन चर्चा खेल से ज्यादा ‘कन्कशन सब्स्टीट्यूट’ नियम की हो रही है। कीवी ऑलराउंडर मिचेल सैंटनर के चोटिल होने के बाद जब शार्दुल ठाकुर मैदान पर उतरे, तो फैंस और क्रिकेट पंडितों के बीच सवालों का सैलाब आ गया। हर कोई यह पूछ रहा है कि आखिर कंधे की चोट में सिर वाली चोट (Concussion) का नियम कैसे लागू हो गया?क्या है पूरा मामला? क्यों उठी पारदर्शिता पर उंगली?मैच के दौरान मिचेल सैंटनर फील्डिंग करते समय अपने कंधे को चोटिल कर बैठे थे। इसके बाद वह मैदान से बाहर चले गए। नियमानुसार, अगर खिलाड़ी को सिर या गर्दन पर चोट लगती है, तभी कन्कशन सब्स्टीट्यूट की अनुमति मिलती है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि सैंटनर की जगह शार्दुल ठाकुर को मैदान पर लाया गया। सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे नियम का उल्लंघन बताना शुरू कर दिया, क्योंकि सैंटनर की मुख्य चोट कंधे में दिखाई दे रही थी।अंपायर और मैच रेफरी का फैसला: नियम की बारीकियाँहालांकि, इस विवाद के पीछे की इनसाइड स्टोरी कुछ और ही है। मेडिकल टीम की रिपोर्ट के अनुसार, जब सैंटनर बाउंड्री पर गोता लगा रहे थे, तब उनके कंधे के साथ-साथ सिर का हिस्सा भी जमीन से टकराया था। क्रिकेट के नियमों के मुताबिक, यदि टीम का डॉक्टर पुष्टि करता है कि खिलाड़ी में कन्कशन (सिर की चोट/चक्कर आना) के लक्षण हैं, तो मैच रेफरी ‘लाइक-फॉर-लाइक’ (समान क्षमता वाला खिलाड़ी) रिप्लेसमेंट की अनुमति दे सकता है। यही वजह थी कि सैंटनर के बाहर जाने पर शार्दुल ठाकुर को गेंदबाजी और बल्लेबाजी का मौका मिला।’लाइक-फॉर-लाइक’ रिप्लेसमेंट पर छिड़ी रारक्रिकेट में कन्कशन नियम को लेकर अक्सर विवाद होता रहा है। आलोचकों का कहना है कि टीमें इस नियम का इस्तेमाल रणनीतिक फायदे के लिए कर सकती हैं। सैंटनर एक स्पिनर और ऑलराउंडर हैं, जबकि शार्दुल एक तेज गेंदबाज ऑलराउंडर। ऐसे में रिप्लेसमेंट की समानता पर भी सवाल उठाए गए। हालांकि, बीसीसीआई और आईपीएल की मेडिकल गाइडलाइंस में स्पष्ट है कि डॉक्टर की सलाह सर्वोपरि है और खेल की शुचिता बनाए रखने के लिए खिलाड़ी की सुरक्षा पहली प्राथमिकता होती है।

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