सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! 2004 के बाद भर्ती अफसरों को भी मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ, सरकार ने जारी किया नया गजट

क्या आप भी 2004 के बाद सरकारी सेवा में आए हैं और पुरानी पेंशन योजना (OPS) के बंद होने से चिंतित हैं? अगर हां, तो केंद्र सरकार का नया आदेश आपके लिए किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है। सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए नई पेंशन स्कीम (NPS) के बीच पुरानी पेंशन का रास्ता खोल दिया है। 22 अप्रैल 2026 को जारी ताज़ा गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, अब विशेष परिस्थितियों में अधिकारियों और उनके परिवारों को पुरानी पेंशन (1958 के नियम) का विकल्प मिलेगा। इसके लिए बाकायदा ‘फॉर्म-1’ जारी कर दिया गया है, जिसे भरकर आप अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं।NPS के दौर में कैसे होगी पुरानी पेंशन की ‘घर वापसी’?सरकार के नए ‘पेंशन नियम 2026’ ने उन आशंकाओं को दूर कर दिया है कि 2004 के बाद नियुक्त लोगों के लिए OPS के दरवाजे पूरी तरह बंद हो चुके हैं। नियम 10 (Rule 10) के तहत, कर्मचारियों को ज्वाइनिंग के वक्त ही यह विकल्प चुनने की आजादी दी जा रही है कि वे NPS के साथ जाना चाहते हैं या पुरानी पेंशन के साथ। हालांकि, यह विकल्प केवल सेवा के दौरान मृत्यु, शारीरिक अस्वस्थता या मानसिक अक्षमता (Invalidation) जैसी स्थितियों में ही प्रभावी होगा। सरकार का यह कदम उन आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और आईएफएस (IFS) अधिकारियों के लिए सुरक्षा कवच बनेगा जो अक्सर कठिन और जोखिम भरी परिस्थितियों में देश की सेवा करते हैं।फॉर्म-1 है सबसे जरूरी: चूक गए तो क्या होगा?इस नई व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए ‘फॉर्म-1’ भरना अनिवार्य है। इसमें कर्मचारी को स्पष्ट करना होगा कि किसी अनहोनी की स्थिति में उसे 1958 के नियमों के तहत ‘पुरानी पारिवारिक पेंशन’ चाहिए या फिर NPS में जमा हुआ कॉर्पस। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि यदि कोई अधिकारी विकल्प चुनना भूल जाता है और सेवा के शुरुआती 15 वर्षों के भीतर उसकी मृत्यु हो जाती है, तो सरकार उसे डिफ़ॉल्ट रूप से पुरानी पेंशन का ही लाभ देगी। 15 साल की सेवा के बाद ही NPS प्रभावी होगा।रिटायरमेंट और पेंशन का नया गणित: क्या बदलेगा?यह समझना बेहद जरूरी है कि सामान्य सेवानिवृत्ति (Superannuation) पर NPS का नियम ही लागू रहेगा। पुरानी पेंशन का यह ‘स्पेशल विकल्प’ केवल सेवा के दौरान होने वाली अनहोनी के लिए है। पुरानी पेंशन (OPS) में अंतिम वेतन का 50% पेंशन के रूप में मिलता है और महंगाई भत्ता (DA) बढ़ने का भी लाभ मिलता है, जो मार्केट आधारित NPS के मुकाबले कहीं ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। सरकार का उद्देश्य कठिन सेवा शर्तों के बीच काम करने वाले अफसरों को यह मानसिक सुकून देना है कि उनके न रहने पर उनका परिवार आर्थिक रूप से असुरक्षित नहीं होगा।विकल्प बदलने की भी है आजादीनए नियमों की एक और खास बात यह है कि कोई भी अधिकारी अपनी रिटायरमेंट की तारीख से पहले कितनी भी बार अपने विकल्प (Form 1) को संशोधित या अपडेट कर सकता है। हालांकि, सेवा से बर्खास्त (Dismiss) होने की स्थिति में पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे मामलों में कर्मचारी को NPS नियमों के तहत एकमुश्त पैसा और एन्युटी का लाभ दिया जाएगा।