व्हाइट हाउस के पास जोरदार धमाका सीक्रेट सर्विस ने सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया राष्ट्रपति ट्रंप को, अफरा-तफरी का माहौल

News India Live, Digital Desk: अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी उस वक्त दहल उठी जब व्हाइट हाउस के बेहद करीब एक शक्तिशाली धमाके की आवाज सुनी गई। यह घटना उस समय हुई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के भीतर एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त थे। धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों के शीशे थर्रा गए। सुरक्षा के मद्देनजर सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने तुरंत मोर्चा संभाला और राष्ट्रपति ट्रंप को सुरक्षित घेरे में लेते हुए एक अज्ञात और सुरक्षित स्थान (अंडरग्राउंड बंकर) की ओर ले गए। इस घटना के बाद पूरे वाशिंगटन में ‘हाई अलर्ट’ घोषित कर दिया गया है।अचानक मची भगदड़ और सीक्रेट सर्विस का एक्शन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार शाम करीब 7:30 बजे व्हाइट हाउस के पास स्थित ‘लाफायेट स्क्वायर’ के पास धुएं का गुबार देखा गया और एक के बाद एक दो बड़े धमाकों की आवाजें आईं। धमाके की गूंज सुनते ही व्हाइट हाउस के सुरक्षा घेरे में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए। पत्रकारों और कर्मचारियों को तुरंत सुरक्षित हॉल में जाने के निर्देश दिए गए। सीक्रेट सर्विस ने एहतियात के तौर पर व्हाइट हाउस के उत्तरी और दक्षिणी दोनों गेटों को पूरी तरह सील कर दिया है। हमले की आशंका को देखते हुए आसमान में स्निपर ड्रोन और हेलिकॉप्टर तैनात कर दिए गए हैं।सुरक्षा घेरे में ट्रंप: पल-पल की निगरानी धमाके के कुछ ही मिनटों बाद आधिकारिक बयान में बताया गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है। हालांकि, प्रोटोकॉल के तहत उन्हें ‘प्रोटेक्टिव कस्टडी’ में रखा गया है। सूत्रों का कहना है कि धमाके के समय ट्रंप के साथ उनके कुछ खास सलाहकार भी मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव ने संक्षिप्त बयान में कहा कि राष्ट्रपति को तत्काल स्थिति की जानकारी दी जा रही है और वे राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के संपर्क में हैं।धमाके के पीछे की वजहों की जांच तेज अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह किसी हमले का हिस्सा था या कोई तकनीकी दुर्घटना। एफबीआई (FBI) और बम निरोधक दस्ते की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और सबूतों को इकट्ठा किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में संदिग्ध वाहन या ड्रोन की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि यह हमला राष्ट्रपति के हालिया विदेशी फैसलों के विरोध में हो सकता है, हालांकि अभी किसी भी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं।पूरी दुनिया की नजरें वाशिंगटन पर इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। व्हाइट हाउस जैसी सुरक्षित जगह के पास इस तरह का धमाका सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। वाशिंगटन पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अगले कुछ घंटों तक व्हाइट हाउस के आसपास के इलाकों में जाने से बचें। इस धमाके के बाद वाशिंगटन की सड़कों पर सेना की बख्तरबंद गाड़ियां भी देखी गई हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि अमेरिकी प्रशासन इसे बेहद गंभीरता से ले रहा है।