कान छिदवाने के बाद संक्रमण का डर? अपनाएं दादी-नानी के ये अचूक नुस्खे, नहीं होगा दर्द और पकने की झंझट

News India Live, Digital Desk: कान छिदवाना (Ear Piercing) भारतीय संस्कृति और श्रृंगार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन अक्सर लापरवाही या सही जानकारी के अभाव में कान पकने लगते हैं, जिससे भयंकर दर्द और मवाद (Infection) की समस्या हो जाती है। कई बार तो संक्रमण इतना बढ़ जाता है कि सर्जरी तक की नौबत आ जाती है। अगर आप भी अपने या अपने बच्चों के कान छिदवाने की सोच रहे हैं, तो दादी-नानी के बताए ये पारंपरिक और वैज्ञानिक तरीके आपके बड़े काम आ सकते हैं। ये नुस्खे न केवल घाव को जल्दी भरते हैं, बल्कि किसी भी तरह के साइड इफेक्ट से भी बचाते हैं।सरसों का तेल और हल्दी: एंटीसेप्टिक का पावरहाउस कान छिदवाने के तुरंत बाद सबसे कारगर उपाय है गुनगुने सरसों के तेल में एक चुटकी हल्दी मिलाकर लगाना। हल्दी में प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जबकि सरसों का तेल घाव को नरम रखता है। दिन में दो बार रुई की मदद से इसे छेद के आसपास लगाएं। ध्यान रहे कि तेल ज्यादा गर्म न हो, वरना त्वचा जल सकती है। यह मिश्रण संक्रमण को जड़ से खत्म करने की ताकत रखता है।नीम की डंडी है प्राकृतिक रामबाण पुराने समय में कान छिदवाने के बाद सोने या चांदी के तार की जगह नीम की बारीक डंडी डाली जाती थी। नीम में कुदरती कीटाणुनाशक गुण होते हैं जो घाव को सड़ने नहीं देते। अगर कान में सूजन या लाली आ रही है, तो आर्टिफिशियल ईयररिंग्स की जगह कुछ दिनों के लिए नीम की डंडी पहनना सबसे सुरक्षित विकल्प है। इससे छेद भी बंद नहीं होता और हवा भी लगती रहती है।नारियल तेल और कपूर का कमाल अगर कान में खुजली या जलन महसूस हो रही है, तो नारियल के तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर लगाना फायदेमंद होता है। कपूर ठंडक प्रदान करता है और नारियल तेल त्वचा को नमी देता है। यह नुस्खा खासतौर पर उन लोगों के लिए है जिनकी त्वचा संवेदनशील होती है और जिन्हें मेटल से जल्दी एलर्जी हो जाती है।सावधानी ही सुरक्षा: इन बातों का रखें खास ख्याल नुस्खों के साथ-साथ कुछ बुनियादी सावधानियां बरतनी भी जरूरी हैं। कान छिदवाने के बाद कम से कम एक हफ्ते तक साबुन या शैंपू को छेद के संपर्क में न आने दें। गीलेपन से बैक्टीरिया पनपने का खतरा रहता है। साथ ही, बार-बार गंदे हाथों से कान को न छुएं और ईयररिंग को धीरे-धीरे घुमाते रहें ताकि वह त्वचा से न चिपके। यदि छेद के आसपास गांठ महसूस हो या बुखार आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।नमक के पानी से सिकाई भी है असरदार हल्की सूजन होने पर एक कप गुनगुने पानी में आधा चम्मच समुद्री नमक (Sea Salt) मिलाकर सिकाई करना भी काफी मददगार होता है। यह घाव के आसपास जमा गंदगी को साफ करता है और हीलिंग प्रोसेस को तेज कर देता है। दादी-नानी का यह तरीका आज भी चिकित्सा जगत में ‘सेलाइन सोक’ के नाम से मशहूर है।