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घर बैठे सिर्फ 2 मिनट में मोबाइल से बनाएं अपनी ABHA ID; जानें डिजिटल हेल्थ लॉकर के फायदे और क्या विदेश में भी मिलेगा इसका लाभ?

अक्सर जब भी हमें या हमारे परिवार में किसी को डॉक्टर के पास जाना होता है, तो सबसे बड़ा सिरदर्द होता है पुरानी मेडिकल फाइलों, पर्चों और लैब रिपोर्ट्स को संभालकर ले जाना। कई बार तो पुराने पर्चे गुम हो जाते हैं या घर पर ही छूट जाते हैं, जिससे डॉक्टर को पुरानी बीमारी या इलाज का इतिहास समझने में परेशानी होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत सरकार की एक डिजिटल मुहिम इस पूरी परेशानी को हमेशा के लिए खत्म कर सकती है? हम बात कर रहे हैं ABHA ID (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) की। यह एक ऐसा डिजिटल हेल्थ लॉकर है, जिसमें आपके इलाज, डॉक्टर के पर्चे, खून की जांच और एक्स-रे जैसी हर छोटी-बड़ी मेडिकल रिपोर्ट आपके फोन में सुरक्षित रहेगी। आइए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि आप घर बैठे इसे खुद कैसे बना सकते हैं, इसके क्या फायदे हैं और क्या यह डिजिटल कार्ड विदेश यात्रा के दौरान भी आपके काम आएगा या नहीं। आखिर क्या है ABHA ID और यह कैसे काम करती है? ABHA ID राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र यानी ABDM (आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन) के तहत जारी किया जाने वाला एक 14-अंकों का विशिष्ट पहचान नंबर (Unique Health ID) है। जैसे देश के नागरिक के तौर पर आपकी पहचान के लिए आधार कार्ड है, ठीक वैसे ही देश के हेल्थ सिस्टम में आपकी मेडिकल पहचान के लिए यह एबीएचए कार्ड है। जब आप किसी अस्पताल, क्लिनिक या लैब में जाते हैं, जो इस डिजिटल सिस्टम से जुड़ा हुआ है, तो आप अपनी पुरानी फाइलों को फिजिकल तौर पर ले जाने के बजाय सिर्फ अपनी ABHA ID साझा कर सकते हैं। आपकी अनुमति (Consent) मिलते ही डॉक्टर आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर आपका पूरा मेडिकल इतिहास देख सकेंगे। घर बैठे मोबाइल से ABHA ID बनाने का आसान तरीका इस डिजिटल कार्ड को बनाना पूरी तरह से मुफ्त और स्वैच्छिक (Optional) है। आप नीचे दिए गए चरणों का पालन करके इसे आसानी से अपने फोन से बना सकते हैं: 1.आधिकारिक पोर्टल पर जाएं:स्टेप 1. अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की ऑफिशियल वेबसाइट healthid.ndhm.gov.in को ओपन करें। या फिर आप गूगल प्ले स्टोर से ABHA App भी डाउनलोड कर सकते हैं। 2.पहचान का माध्यम चुनें:स्टेप 2. होमपेज पर आपको 'Create ABHA Number' का विकल्प दिखेगा। यहाँ आप अपनी पहचान सत्यापित (Verify) करने के लिए आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस में से किसी एक विकल्प को चुन सकते हैं। (आधार कार्ड का विकल्प सबसे तेज़ और आसान माना जाता है)। 3.ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन करें:स्टेप 3. अपना पहचान पत्र नंबर दर्ज करने के बाद, आपके उस नंबर से लिंक मोबाइल फोन पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) आएगा। उस ओटीपी को स्क्रीन पर दिए गए बॉक्स में भरें और सबमिट करें। 4.अपनी बुनियादी जानकारी और ABHA Address सेट करें:स्टेप 4. सफलतापूर्वक वेरिफिकेशन के बाद स्क्रीन पर आपकी प्रोफाइल खुल जाएगी। यहाँ आपको अपना एक यूनिक 'ABHA Address' (जैसे आपकी यूपीआई आईडी होती है, जैसे— name@abdm) बनाना होगा। 5.डिजिटल कार्ड डाउनलोड करें:स्टेप 5. सारी प्रक्रिया पूरी होते ही आपकी 14-अंकों की विशिष्ट ABHA ID जनरेट हो जाएगी। आप स्क्रीन पर दिख रहे अपने डिजिटल हेल्थ कार्ड को तुरंत PDF फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं या उसका प्रिंटआउट निकालकर रख सकते हैं। आपके फोन में कैसे सुरक्षित रहेगा इलाज का पूरा डेटा? कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या इस कार्ड को बनाने से उनका पर्सनल हेल्थ डेटा लीक हो सकता है? तो इसका जवाब है— बिल्कुल नहीं। यह सिस्टम पूरी तरह से सहमति-आधारित (Consent-Driven) तकनीक पर काम करता है। मजबूत डेटा सिक्योरिटी: आपकी बीमारी, डॉक्टर की पर्ची या टेस्ट रिपोर्ट की जानकारी आपकी स्पष्ट अनुमति के बिना कोई भी डॉक्टर, अस्पताल या ऐप नहीं देख सकता। पूर्ण नियंत्रण आपके हाथ में: जब भी कोई डॉक्टर आपका डेटा देखना चाहेगा, आपके फोन पर एक रिक्वेस्ट आएगी। आप यह तय कर सकते हैं कि डॉक्टर को आपका डेटा कितने समय के लिए और कौन-कौन सी रिपोर्ट देखनी देनी है। आप जब चाहें इस एक्सेस को ब्लॉक भी कर सकते हैं। क्या विदेश में भी काम आएगा यह डिजिटल कार्ड? स्पष्ट और सीधा जवाब: नहीं, वर्तमान नियमों के अनुसार ABHA ID कार्ड सीधे तौर पर विदेश में या विदेशी अस्पतालों में काम नहीं आएगा। यह भारत सरकार की एक राष्ट्रीय योजना है, जिसे विशेष रूप से भारत के घरेलू स्वास्थ्य ढांचे को डिजिटल और मजबूत बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसका उपयोग केवल उन्हीं भारतीय सरकारी और निजी अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटर्स और क्लीनिकों में किया जा सकता है जो आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) नेटवर्क के साथ पंजीकृत (Registered) हैं। विदेशी अस्पतालों का सिस्टम इस भारतीय सर्वर से लिंक नहीं है, इसलिए वे इस आईडी के जरिए आपके रिकॉर्ड एक्सेस नहीं कर सकते। हालांकि, इसका एक परोक्ष (Indirect) फायदा यह है कि जब आप विदेश यात्रा पर जा रहे हों, तो अपनी पुरानी कागजी फाइलों को सूटकेस में लादकर ले जाने के बजाय, आप अपने फोन में मौजूद एबीएचए ऐप के जरिए अपनी सभी डिजिटल रिपोर्ट्स को खुद कभी भी देख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर वहां के डॉक्टर को अपने फोन की स्क्रीन पर अपनी मेडिकल हिस्ट्री दिखा सकते हैं। एक नजर में: पारंपरिक फाइल मैनेजमेंट बनाम ABHA ID फीचर्स और लाभ पुरानी कागजी फाइलें / रिपोर्ट्स डिजिटल ABHA ID कार्ड संभालने का झंझट बहुत ज्यादा (पर्चे फटने, भीगने या खोने का डर रहता है) शून्य (पूरी तरह से क्लाउड और मोबाइल ऐप में सुरक्षित) इमरजेंसी में उपलब्धता अगर घर पर भूल गए, तो डॉक्टर को पुरानी हिस्ट्री नहीं मिल पाती देश के किसी भी कोने में मोबाइल ऐप के जरिए तुरंत उपलब्ध अस्पताल में रजिस्ट्रेशन लंबी कतारों में लगकर पर्ची बनवानी पड़ती है अस्पताल के काउंटर पर सिर्फ QR कोड स्कैन करके तुरंत रजिस्ट्रेशन डेटा शेयरिंग पूरी फाइल डॉक्टर को सौंपनी पड़ती है जिसमें प्राइवेसी नहीं रहती केवल आपकी सहमति से चुनिंदा रिपोर्ट्स ही डॉक्टर देख पाते हैं वित्तीय कवरेज फाइल रखने से कोई फ्री इलाज नहीं मिलता इसे आयुष्मान भारत योजना (PM-JAY) से लिंक करके ₹5 लाख तक का फ्री इलाज पा सकते हैं (पात्रता के अनुसार) अगर आपने अभी तक अपनी या अपने परिवार के सदस्यों की ABHA ID नहीं बनाई है, तो आज ही अपने मोबाइल से इस आसान प्रक्रिया को पूरा करें। यह पूरी तरह सुरक्षित, मुफ्त और आपके समय को बचाने वाला एक बेहतरीन डिजिटल टूल है जो किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में आपके लिए बेहद मददगार साबित हो सकता है।

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