ऋषभ पंत को हेड कोच गौतम गंभीर की दो टूक! उपकप्तानी छिनने के बाद अब हर हाल में बदलना होगा खेलने का तरीका

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम इंडिया के खेमे से इस वक्त खेल जगत की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। मुख्य कोच गौतम गंभीर के कमान संभालने के बाद से ही टीम के भीतर कड़े फैसले लेने का जो सिलसिला शुरू हुआ था, उसकी जद में अब टीम के सबसे बड़े मैच विनर माने जाने वाले ऋषभ पंत भी आ गए हैं। टीम मैनेजमेंट ने एक बड़ा और कड़ा कूटनीतिक फैसला लेते हुए ऋषभ पंत से उपकप्तानी (Vice Captaincy) वापस ले ली है। इस बड़े फैसले ने न केवल क्रिकेट पंडितों को हैरान कर दिया है, बल्कि ड्रेसिंग रूम के भीतर खिलाड़ियों के लिए एक बेहद कड़ा और साफ संदेश भी जारी कर दिया है।
गौतम गंभीर की दो टूक और ऋषभ पंत को दी गई सख्त चेतावनी सूत्रों के मुताबिक, हेड कोच गौतम गंभीर ने ऋषभ पंत के साथ एक बेहद गंभीर और वन-टू-वन मीटिंग की है, जिसमें उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के पंत को अपनी रणनीति से अवगत करा दिया है। गंभीर ने पंत को दो टूक लहजे में साफ कह दिया है कि टीम में किसी भी खिलाड़ी की जगह उसके अतीत के प्रदर्शन या स्टार स्टेटस के आधार पर तय नहीं होगी। गंभीर का मानना है कि ऋषभ पंत को अब गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेलकर विकेट गंवाने की अपनी पुरानी आदत को पूरी तरह छोड़ना होगा। टीम को इस समय एक ऐसे सीनियर खिलाड़ी की जरूरत है जो क्रीज पर टिककर मैच को आखिरी ओवरों तक ले जा सके, न कि केवल हवा में शॉट खेलकर पवेलियन लौट जाए।
उपकप्तानी छिनने के बाद अब ऋषभ पंत के सामने खुद को साबित करने की चुनौती ऋषभ पंत से उपकप्तानी छिनना उनके करियर के लिए एक बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। गंभीर के इस फैसले के बाद पंत पर दबाव काफी ज्यादा बढ़ गया है, क्योंकि अब उन्हें टीम में अपनी जगह पक्की रखने के लिए अपने खेल के पूरे तरीके (Approach) को बदलना होगा। गंभीर चाहते हैं कि पंत अपनी आक्रामकता को कम किए बिना गेम की सिचुएशन के हिसाब से बल्लेबाजी करना सीखें। अगर पंत इस नए ढर्रे में खुद को नहीं ढाल पाते हैं, तो टीम मैनेजमेंट के पास केएल राहुल, संजू सैमसन और ध्रुव जुरेल जैसे बेहतरीन विकेटकीपर बल्लेबाजों के विकल्प पहले से ही मौजूद हैं, जो पंत के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
भारतीय क्रिकेट के नए दौर में फिटनेस और निरंतरता ही सबसे बड़ा पैमाना क्रिकेट समीक्षकों का कहना है कि गौतम गंभीर की इस नई और कड़क कूटनीति से यह साफ हो गया है कि भारतीय क्रिकेट में अब केवल 'इम्पैक्ट' नहीं बल्कि 'निरंतरता' (Consistency) को सबसे ज्यादा तरजीह दी जाएगी। गंभीर के इस कड़े रवैये को लेकर सोशल मीडिया और फैंस के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे पंत के साथ ज्यादती मान रहे हैं, तो वहीं बड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पंत जैसे महान टैलेंट को और ज्यादा निखारने और उन्हें एक जिम्मेदार खिलाड़ी बनाने के लिए गंभीर का यह 'हार्ड लव' यानी सख्त रवैया बेहद जरूरी था। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ऋषभ पंत इस झटके के बाद मैदान पर किस तरह वापसी करते हैं।