Silent Killer: युवाओं के दिल की सबसे बड़ी दुश्मन बनी ये एक खराब आदत

पिछले कुछ सालों में स्वास्थ्य के मोर्चे पर एक बेहद डरावना और चिंताजनक बदलाव देखने को मिला है। कभी बुढ़ापे की बीमारी मानी जाने वाली दिल की बीमारियां (Heart Disease) और अचानक आने वाला हार्ट अटैक अब युवाओं को अपनी चपेट में ले रहा है। जिम में वर्कआउट करते हुए, डांस करते हुए या हंसते-खेलते अचानक युवाओं की मौत की खबरें हर किसी को झकझोर कर रख दे रही हैं। चिकित्सा विज्ञान और हृदय रोग विशेषज्ञों (Cardiologists) की मानें, तो इस गंभीर स्थिति के पीछे कोई रहस्यमयी वजह नहीं, बल्कि आज की पीढ़ी की एक बेहद आम लाइफस्टाइल से जुड़ी आदत है। यह खराब आदत युवाओं के दिल की सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी है और यह दिल के दौरे के जोखिम को सीधे तौर पर दोगुना कर देती है।
नींद से समझौता और देर रात तक जागने की आदत पड़ रही भारी हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, आज के युवाओं में पर्याप्त नींद न लेने और देर रात तक स्मार्टफोन, लैपटॉप या ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर स्क्रीन टाइम बिताने की आदत सबसे खतरनाक साबित हो रही है। चिकित्सा शोधों से यह साफ हो चुका है कि जो युवा रोजाना 6 घंटे से कम की नींद लेते हैं, उनमें हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट का खतरा दूसरों के मुकाबले दोगुना हो जाता है। जब हम पूरी नींद नहीं लेते हैं, तो हमारे शरीर का नेचुरल क्लॉक (सार्केडियन रिदम) बिगड़ जाता है, जिससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और धमनियों में रुकावट की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है।
क्रोनिक स्ट्रेस और खराब खान-पान ने बिगाड़ा खेल इस जानलेवा आदत के साथ-साथ युवाओं की भागदौड़ भरी जिंदगी, करियर का दबाव और क्रोनिक स्ट्रेस (लगातार रहने वाला मानसिक तनाव) आग में घी का काम कर रहे हैं। तनाव के चलते शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे स्ट्रेस हार्मोन्स का स्तर बढ़ जाता है, जो सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को अनियंत्रित कर देते हैं। इसके ऊपर से जंक फूड, अत्यधिक कैफीन, स्मोकिंग और अल्कोहल का सेवन दिल की नसों को कमजोर और संकुचित बना देता है। शारीरिक सक्रियता की कमी यानी घंटों एक ही जगह बैठकर काम करने की आदत भी कम उम्र में ब्लॉकेज की मुख्य वजह बन रही है।
हार्ट अटैक के इन शुरुआती लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज अक्सर देखा गया है कि युवा अपनी सेहत को लेकर काफी लापरवाह होते हैं और शरीर से मिलने वाले संकेतों को मामूली समझकर छोड़ देते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर आपको अक्सर छाती में भारीपन या बेचैनी महसूस होती है, बिना वजह बहुत ज्यादा पसीना आता है, थोड़ा सा चलने पर सांस फूलने लगती है या फिर लगातार एसिडिटी और जबड़े-पीठ में दर्द रहता है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। ये सभी लक्षण दिल की कमजोरी या आने वाले हार्ट अटैक का शुरुआती अलार्म हो सकते हैं, जिसके दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
दिल को हमेशा सेहतमंद और मजबूत रखने के बेहतरीन उपाय अगर आप अपने दिल को लंबी उम्र तक सुरक्षित और स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो आज से ही अपनी जीवनशैली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करें। सबसे पहले अपने सोने और जागने का एक निश्चित समय तय करें और रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद जरूर लें। अपने दैनिक रूटीन में कम से कम 30 से 45 मिनट का व्यायाम, योग या वॉक शामिल करें। आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, नट्स और साबुत अनाज को प्राथमिकता दें और अत्यधिक तेल-मसाले वाले भोजन से दूरी बनाएं। सबसे जरूरी बात, समय-समय पर अपना ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल चेक कराते रहें ताकि किसी भी खतरे को समय रहते टाला जा सके।