शनिवार व्रत पर बना अद्भुत ‘रवि योग’, शनिदेव की पूजा से पलक झपकते ही दूर होगा ढैय्या और साढ़ेसाती का कष्ट

हिंदू धर्म में शनिवार का दिन कर्मफल दाता और न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित माना गया है। आज शनिवार का व्रत है और इस बार का यह दिन बेहद खास और कल्याणकारी संयोग लेकर आया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज के दिन बेहद प्रभावशाली 'रवि योग' का निर्माण हो रहा है, जिसके चलते शनिदेव की आराधना का महत्व कई गुना बढ़ गया है। मान्यता है कि जो भी भक्त आज के दिन पूरी श्रद्धा और सच्चे मन से शनिदेव की पूजा और व्रत करते हैं, उनके जीवन से बड़े से बड़ा संकट टल जाता है। विशेष रूप से जिन जातकों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का बुरा प्रभाव चल रहा है, उनके लिए आज का दिन किसी वरदान से कम नहीं है।
शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती के दोष से ऐसे मिलेगी मुक्ति यदि आपकी नौकरी में बाधा आ रही है, व्यापार ठप पड़ गया है या घर में लगातार बीमारियां बनी हुई हैं, तो इसका कारण कुंडली में शनि का भारी होना हो सकता है। आज शनिवार के व्रत पर शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए सुबह या शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं। दीपक में थोड़े काले तिल डालना बेहद शुभ माना जाता है। इसके साथ ही आज के दिन शनि चालीसा का पाठ करने और काली उड़द, काले कपड़े या लोहे का दान करने से साढ़ेसाती और ढैय्या का अशुभ प्रभाव पूरी तरह शांत हो जाता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
रवि योग का खास संयोग और शिववास की स्थिति आज के दिन निर्मित हो रहा 'रवि योग' सभी प्रकार के दोषों को नष्ट करने वाला माना गया है। इस योग में किए गए कार्य बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक पूरे होते हैं और व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही भगवान शिव के भक्तों के लिए आज 'शिववास' की स्थिति को जानना भी बेहद जरूरी है। यदि आज शिववास गौरी के साथ या सभा में है, तो रुद्राभिषेक करना अत्यंत लाभकारी और मनोकामना पूर्ण करने वाला साबित होगा। शनिवार के दिन शिव पूजा करने से भी शनिदेव बहुत जल्द प्रसन्न होते हैं क्योंकि वे भगवान शिव को अपना गुरु मानते हैं।
जानिए आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल का समय किसी भी शुभ कार्य या नई शुरुआत को करने से पहले दिन का पंचांग और मुहूर्त देखना बेहद आवश्यक होता है। आज के दिन का सबसे पावन और शुभ समय 'अभिजीत मुहूर्त' रहेगा, जिसमें आप अपने सभी महत्वपूर्ण और मांगलिक कार्य बिना किसी झिझक के कर सकते हैं। इसके विपरीत, आज के अशुभ समय यानी 'राहुकाल' के दौरान किसी भी नए काम की शुरुआत या धन का निवेश करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय में किए गए कार्यों में विघ्न आने की आशंका सबसे ज्यादा होती है। वहीं आज शनिवार होने के कारण पूर्व दिशा में 'दिशाशूल' रहेगा, इसलिए आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा करने से बचें। यदि यात्रा करना बेहद जरूरी हो, तो घर से अदरक या घी खाकर ही निकलें।