ममता और केजरीवाल ने ही तोड़ा इंडिया गठबंधन? संजय झा के बयान पर सोमनाथ भारती का भयंकर पलटवार

भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित विपक्षी मोर्चे 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के बिखरने को लेकर एक बार फिर से बहुत बड़ा सियासी घमासान छिड़ गया है। गठबंधन के टूटने के असली कारणों और उसके जिम्मेदारों को लेकर अब देश के दो बड़े राजनीतिक दिग्गजों के बीच जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है। हाल ही में वरिष्ठ नेता संजय झा द्वारा ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल को गठबंधन की इस दुर्दशा के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद, राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है। इस बयान के सामने आते ही आम आदमी पार्टी (AAP) पूरी तरह से आक्रामक मुद्रा में आ गई है और पार्टी के वरिष्ठ नेता सोमनाथ भारती ने इसका बेहद तीखा जवाब दिया है।
संजय झा के आरोपों से गरमाई देश की राजनीति इस पूरे विवाद की शुरुआत संजय झा के उस तीखे बयान से हुई, जिसमें उन्होंने विपक्षी एकजुटता के मलबे में तब्दील होने का पूरा ठीकरा तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के सिर पर फोड़ दिया। संजय झा का मानना है कि इन दोनों ही नेताओं की अत्यधिक क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं और मनमर्जी के कारण सीटों का सही तालमेल नहीं हो पाया, जिससे गठबंधन अंदर से पूरी तरह कमजोर हो गया। उनके इस दावे ने विपक्षी खेमे की उन पुरानी कड़वाहटों को फिर से ताजा कर दिया है, जिन्हें अब तक दबाने की कोशिश की जा रही थी।
सोमनाथ भारती का तीखा पलटवार और जेडीयू पर निशाना संजय झा के इस बड़े हमले पर आम आदमी पार्टी के कद्दावर नेता सोमनाथ भारती ने बिना कोई वक्त गंवाए बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया। सोमनाथ भारती ने संजय झा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जो लोग खुद अपनी राजनीतिक वफादारी समय-समय पर बदलते रहते हैं, उन्हें दूसरों पर उंगली उठाने का कोई हक नहीं है। उन्होंने साफ किया कि आम आदमी पार्टी ने हमेशा देश हित और विपक्षी एकता को सर्वोपरि रखा है, लेकिन कुछ नेताओं की अपनी व्यक्तिगत और संकीर्ण राजनीतिक सोच की वजह से गठबंधन को नुकसान पहुंचा है।
नीतीश और निशांत का नाम लेकर 'आप' ने बिछाई नई बिसात इस बहस ने तब एक नया और बेहद दिलचस्प मोड़ ले लिया जब आम आदमी पार्टी के खेमे से सीधे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके करीबियों का नाम घसीटा गया। 'आप' नेताओं ने पलटवार करते हुए पूछा कि जो लोग दूसरों को नसीहत दे रहे हैं, वे पहले यह बताएं कि नीतीश कुमार बार-बार पाला क्यों बदलते रहे? राजनीति के जानकारों का कहना है कि नीतीश और निशांत का नाम इस विवाद में उछाले जाने के पीछे आम आदमी पार्टी की सोची-समझी रणनीति है, ताकि जेडीयू और उसके समर्थकों को रक्षात्मक रुख अपनाने पर मजबूर किया जा सके। इस पलटवार ने इस पूरी बहस को पूरी तरह से नीतीश कुमार की राजनीतिक क्रेडिबिलिटी पर केंद्रित कर दिया है।
गठबंधन की बिखरती कड़ियों का भविष्य संजय झा बनाम सोमनाथ भारती की इस हाई-प्रोफाइल जंग ने यह साफ कर दिया है कि 'इंडिया' गठबंधन के भीतर के घाव अभी भरे नहीं हैं। आने वाले समय में जैसे-जैसे राज्यों के चुनाव और अन्य राजनीतिक घटनाक्रम नजदीक आएंगे, इस तरह की बयानबाजी और ज्यादा उग्र होने की संभावना है। फिलहाल, इस नए विवाद ने विपक्ष की बची-खुची एकजुटता की कोशिशों को एक और बड़ा झटका दे दिया है, और अब देखना यह होगा कि ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी इस पूरे मामले पर अपना क्या स्टैंड लेती है।