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कभी टीम इंडिया में ओपनिंग का था सबसे बड़ा दावेदार, फिर किस्मत ने दिया ऐसा धोखा कि करियर पर लग गया था ब्रेक

कभी टीम इंडिया में ओपनिंग का था सबसे बड़ा दावेदार, फिर किस्मत ने दिया ऐसा धोखा कि करियर पर लग गया था ब्रेक

क्रिकेट की दुनिया जितनी ग्लैमरस दिखती है, इसके पीछे की हकीकत और खिलाड़ियों का संघर्ष उतना ही दर्दनाक होता है। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे खिलाड़ी आए जिन्होंने अपने डेब्यू के साथ ही पूरी दुनिया को अपना दीवाना बना लिया, लेकिन चोट और खराब किस्मत के कारण वे अचानक अर्श से फर्श पर आ गए। एक समय भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम में बतौर ओपनर (Opening Batsman) अपनी जगह पक्की करने का सबसे मजबूत और बड़ा दावेदार माना जाने वाला एक धाकड़ खिलाड़ी आज फिर से सुर्खियों में है। किस्मत के लगातार धोखे, लगातार मिलने वाली चोटों और टीम से लंबे समय तक बाहर रहने के मानसिक दर्द को पीछे छोड़ते हुए इस जाबांज बल्लेबाज ने मैदान पर वापसी करते ही एक ऐसा ऐतिहासिक और धमाकेदार शतक (Comeback Century) ठोक दिया है, जिसने चयनकर्ताओं के दरवाजे को एक बार फिर से हिलाकर रख दिया है।

जब चोट और खराब फॉर्म के चलते बिखर गया था टीम इंडिया का सपना

इस स्टार खिलाड़ी का करियर एक समय रॉकेट की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल (IPL) में रनों का अंबार लगाने के बाद जब इन्हें टीम इंडिया की जर्सी पहनने का मौका मिला, तो क्रिकेट पंडितों ने इन्हें भारतीय बैटिंग लाइनअप का भविष्य घोषित कर दिया था। लेकिन तभी किस्मत ने एक बेहद क्रूर मोड़ लिया। एक के बाद एक लगी गंभीर चोटों और उसके बाद फॉर्म में आई अचानक गिरावट की वजह से यह खिलाड़ी धीरे-धीरे नेशनल टीम की स्कीम ऑफ थिंग्स से पूरी तरह बाहर हो गया। नए युवा खिलाड़ियों के आने से प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई, जिसके कारण इस खिलाड़ी का करियर एक समय पूरी तरह खत्म माना जाने लगा था, लेकिन इस शेर के इरादे कुछ और ही थे।

नेशनल क्रिकेट एकेडमी में बहाया पसीना और खुद को किया पूरी तरह रीबूट

टीम से बाहर होने के बाद इस खिलाड़ी ने सोशल मीडिया की चकाचौंध से दूरी बना ली और खुद को बेंगलुरु स्थित नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) के रिहैब सेंटर में झोंक दिया। महीनों तक ट्रेनर्स की देखरेख में अपनी फिटनेस पर दिन-रात काम करने, अपनी बल्लेबाजी की तकनीकी खामियों को सुधारने और मानसिक रूप से खुद को मजबूत करने के बाद इस खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट के जरिए प्रतिस्पर्धी मैदान पर वापसी की। वापसी का यह सफर इतना आसान नहीं था क्योंकि उन पर खुद को साबित करने का एक बहुत बड़ा मनोवैज्ञानिक दबाव था, जिसे उन्होंने बखूबी झेला।

वापसी मैच में ही विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाकर पूरा किया सैकड़ा

घरेलू टूर्नामेंट के अपने पहले ही मैच में जैसे ही यह बल्लेबाज क्रीज पर उतरा, पुरानी लय और वही पुराना आक्रामक अंदाज उनके बल्ले से साफ झलकता हुआ नजर आया। विरोधी टीम के तेज और स्पिन गेंदबाजों पर बेरहमी से प्रहार करते हुए इस खिलाड़ी ने मैदान के चारों कोनों में गगनचुंबी छक्के और चौकों की बरसात कर दी। देखते ही देखते इस बल्लेबाज ने न केवल अपनी टीम को एक बेहद मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला, बल्कि अपनी वापसी को यादगार बनाते हुए एक शानदार और भावुक शतक पूरा किया। शतक पूरा करने के बाद इस खिलाड़ी का जश्न देखने लायक था, जिसमें उनका पुराना गुस्सा, दर्द और फिर से खुद को साबित करने की असीम खुशी साफ दिखाई दे रही थी।

चयनकर्ताओं के लिए बढ़ी सिरदर्दी, क्या फिर मिलेगी टीम इंडिया की जर्सी?

इस धमाकेदार शतकीय पारी के बाद भारतीय क्रिकेट गलियारों और सोशल मीडिया पर इस खिलाड़ी के नाम की गूंज एक बार फिर तेज हो गई है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस पारी ने यह साबित कर दिया है कि क्लास परमानेंट होती है और इस खिलाड़ी में अभी भी देश के लिए बहुत कुछ करने का माद्दा बाकी है। आगामी अंतरराष्ट्रीय सीरीज और बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स को ध्यान में रखते हुए इस खिलाड़ी की फॉर्म ने चयनकर्ताओं के सामने एक सुखद सिरदर्दी पैदा कर दी है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या बीसीसीआई इस जुझारू खिलाड़ी को टीम इंडिया में वापसी का एक और मौका देती है या नहीं, लेकिन इस शतक ने विरोधियों को यह साफ संदेश दे दिया है कि 'किंग' की वापसी हो चुकी है।

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