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अमेरिका-ईरान तनाव से दहला शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, निवेशक सहमे

अमेरिका-ईरान तनाव से दहला शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, निवेशक सहमे

वैश्विक मोर्चे पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच पैदा हुए नए विवाद और तनाव के कारण घरेलू शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली का माहौल बन गया है। इस तनाव की वजह से सप्ताह के कारोबारी सत्र में दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स करीब 200 अंकों की गिरावट के साथ दबाव में नजर आया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी फिसलकर 23,100 के मानसिक स्तर के बेहद करीब पहुंच गया।

अमेरिका और ईरान विवाद ने बिगाड़ा बाजार का मूड

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच अचानक बढ़े तनाव ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों की धारणा को कमजोर कर दिया है। दोनों देशों के बीच जारी गतिरोध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी आने की आशंका बढ़ गई है, जो भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए एक बड़ा चिंता का विषय है। यही वजह है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के साथ-साथ घरेलू निवेशकों ने भी बाजार में आक्रामक खरीदारी करने के बजाय मुनाफावसूली करना और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करना बेहतर समझा।

चौतरफा बिकवाली से इन सेक्टर्स पर दिखा सबसे ज्यादा असर

बाजार में आई इस गिरावट के दौरान लगभग सभी प्रमुख सेक्टर्स में बिकवाली का दबाव देखा गया। ऑटो, मेटल, और आईटी (IT) सेक्टर्स के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स ने बाजार को संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन वैश्विक संकेतों के आगे वे भी ज्यादा देर टिक नहीं सके। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी गिरावट का रुख देखा गया, जिससे यह साफ होता है कि बाजार में इस समय शॉर्ट-टर्म रिस्क काफी बढ़ गया है और निवेशक किसी भी तरह का जोखिम उठाने से बच रहे हैं।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और एक्सपर्ट्स की पैनी नजर

इस पूरे घटनाक्रम के बीच कमोडिटी बाजार में भी हलचल तेज हो गई है। कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित होने के डर से ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के स्पष्ट संकेत नहीं मिलते, तब तक भारतीय शेयर बाजार में इसी तरह का उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के बयानों और वैश्विक मुद्रास्फीति (Inflation) के आंकड़ों पर रहेगी, जो बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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