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सरकार ने E22, E25, E27 और E30 फ्यूल पर दी भारी टैक्स छूट, अब आम जनता और वाहन चालकों को मिलेगा बड़ा फायदा

सरकार ने E22, E25, E27 और E30 फ्यूल पर दी भारी टैक्स छूट, अब आम जनता और वाहन चालकों को मिलेगा बड़ा फायदा

देश में प्रदूषण को कम करने और हरित ईंधन (Green Fuel) को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने एथेनॉल मिश्रण वाले विशेष ईंधनों जैसे E22, E25, E27 और E30 पर लगने वाले टैक्स में भारी कटौती करने का आधिकारिक एलान कर दिया है। सरकार के इस फैसले को न सिर्फ पर्यावरण के लिहाज से गेम चेंजर माना जा रहा है, बल्कि इससे आने वाले समय में वाहन चालकों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

जानिए क्या है सरकार का यह बड़ा फैसला

आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार देश में एथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol Blending) प्रोग्राम की रफ्तार को तेजी से बढ़ाना चाहती है। इसी कड़ी में उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले इन चारों फ्यूल ग्रेड्स पर टैक्स छूट देने का निर्णय लिया गया है। अब तक इन ईंधनों पर लगने वाले भारी टैक्स के कारण इनकी कीमतों को नियंत्रित रखना एक चुनौती बना हुआ था, लेकिन इस नई टैक्स छूट के बाद तेल कंपनियों के लिए बाजार में इसे किफायती दरों पर उपलब्ध कराना काफी आसान हो जाएगा।

ऑटो सेक्टर और वाहन चालकों को कैसे होगा फायदा

सरकार के इस फैसले का सीधा असर देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर और आम उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। टैक्स में कटौती होने से ये सभी एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल सामान्य पेट्रोल के मुकाबले काफी सस्ते दामों पर मिल सकेंगे। इससे आम जनता की जेब पर ईंधन का बोझ कम होगा। इसके साथ ही, वाहन निर्माता कंपनियों (Automobile Manufacturers) को भी अब ऐसे इंजन बनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा जो E22 से लेकर E30 तक के ईंधन पर आसानी से और बिना किसी तकनीकी खराबी के चल सकें।

पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने में मिलेगी बड़ी मदद

भारत सरकार का लक्ष्य कच्चे तेल (Crude Oil) के आयात पर निर्भरता को कम करना और देश में ही तैयार होने वाले एथेनॉल के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। E22 का मतलब है कि इसमें 22 फीसदी एथेनॉल और 78 फीसदी पेट्रोल मिलाया गया है, इसी तरह E30 में 30 फीसदी तक एथेनॉल का मिश्रण होता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने और खराब अनाजों से होता है, जिससे किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होती है। टैक्स छूट मिलने से जब इन ईंधनों की खपत बढ़ेगी, तो वाहनों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी और वायु प्रदूषण से बड़ी राहत मिलेगी।

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