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Real-Life Benjamin Button: किस्मत ने भाई को बड़ा नहीं होने दिया, तो नर्सिंग की पढ़ाई पूरी कर बहन ने उठा लिया जीवन भर का जिम्मा

इंटरनेट और सोशल मीडिया के इस दौर में अक्सर हमें दुनिया के अलग-अलग कोनों से ऐसी कहानियां देखने को मिलती हैं जो हमें हैरान भी करती हैं और अंदर तक झकझोर भी देती हैं। इन दिनों मध्य चीन के हुनान प्रांत से एक ऐसी ही अनोखी और बेहद भावुक कर देने वाली जीवन कहानी सामने आई है। यह कहानी है 25 साल के एक युवक की, जिसका शरीर और दिमाग वयस्क (Adult) होने के बावजूद आज भी एक छोटे बच्चे जैसा ही है।

'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस युवक का नाम वांग जुनमिंग है। वांग की उम्र भले ही दस्तावेजों में 25 साल हो चुकी है, लेकिन उनकी लंबाई महज 66 सेंटीमीटर है और उनकी सोचने-समझने व बात करने की क्षमता भी किसी नन्हे बालक जैसी ही है। यही वजह है कि उनके परिवार वाले और आस-पास के लोग उन्हें प्यार से "बेबी" कहकर पुकारते हैं।

जब सोशल मीडिया के जरिए दुनिया के सामने आया 'बेबी'

वांग की जिंदगी आम युवाओं जैसी बिल्कुल नहीं है। जहां 25 साल की उम्र में लोग करियर, नौकरी, शादी और अकेले रहने जैसी चिंताओं में डूबे रहते हैं, वहीं वांग इन सब से कोसों दूर एक बेहद साधारण और मासूम दिनचर्या जीते हैं। वह रोज़ शाम को 8 बजे से पहले सो जाते हैं। हालांकि, उनके चेहरे पर ढलती उम्र के लक्षण जैसे बारीक झुर्रियां और आंखों के पास रिंकल्स साफ देखे जा सकते हैं, लेकिन उनका छोटा सा शरीर और बच्चों जैसी नादान हरकतें एक अजीब और हैरान करने वाला विरोधाभास पैदा करती हैं।

इस कहानी को दुनिया के सामने लाने का श्रेय वांग की छोटी बहन शियाओलिंग को जाता है। शियाओलिंग ने सोशल मीडिया पर अपने भाई की रोज़मर्रा की ज़िंदगी के वीडियो साझा करने शुरू किए। देखते ही देखते इंटरनेट पर उनके 1,63,000 से ज़्यादा फॉलोअर्स हो गए। इन वीडियो के जरिए लोगों को समझ आया कि एक गंभीर और दुर्लभ बीमारी से पीड़ित भाई की चौबीसों घंटे देखभाल करना कितना बड़ा और चुनौतीपूर्ण काम है।

मेडिकल टेस्ट में हुआ दुर्लभ बीमारी का खुलासा

सोशल मीडिया पर जब यह मामला वायरल हुआ, तो कई संवेदनशील लोगों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने परिवार की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए। इसी साल फरवरी में डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने वांग की गहन जांच की, जिसके बाद उसकी इस स्थिति के पीछे की असली मेडिकल वजह सामने आई।

गरीबी और मजबूरी ने बीच में ही रुकवा दिया था इलाज

ऐसा नहीं है कि माता-पिता ने वांग को ठीक करने की कोशिश नहीं की। बचपन में जब इस बीमारी के लक्षण दिखे थे, तो माता-पिता उसे हुनान की राजधानी चांग्शा के एक बड़े अस्पताल में ले गए थे। डॉक्टरों ने कुछ दवाएं भी शुरू की थीं, लेकिन परिवार की बेहद खराब माली हालत के चलते वह इलाज जारी नहीं रह सका।

वांग के पिता ईंटें जोड़ने (मजदूरी) का काम करते थे और उनकी महीने की कमाई सिर्फ 3,000 युआन (लगभग 42,108 रुपये) थी। इतने कम पैसों में पूरे घर का खर्च चलाना और महंगे मेडिकल ट्रीटमेंट का बोझ उठाना नामुमकिन था। थक-हारकर वांग की मां ने इसे अपनी 'किस्मत का खेल' मान लिया और फैसला किया कि वे खुद जीवन भर अपने इस लाडले की देखरेख करेंगी।

मां का कैंसर और बहन के कड़े फैसले की दास्तान

 जब मुश्किलों का पहाड़ टूटा परिवार पर

वांग के जन्म के तीन साल बाद उनकी छोटी बहन शियाओलिंग का जन्म हुआ। जब शियाओलिंग अभी प्राइमरी स्कूल में ही पढ़ रही थी, तभी उनकी मां को कैंसर होने का पता चला। घर की आर्थिक और मानसिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई थी। शियाओलिंग मानती हैं कि बचपन में वह अपने भाई के बहुत करीब नहीं थीं, लेकिन मां की जानलेवा बीमारी ने दुनिया को देखने का उनका नज़रिया बदल दिया। जैसे-जैसे मां की तबीयत बिगड़ी, शियाओलिंग ने भाई की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली।

नर्सिंग स्कूल से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, शियाओलिंग के पास चीन के बड़े और आलीशान शहरों में जाकर शानदार करियर बनाने का मौका था। लेकिन उन्होंने अपने सपनों से समझौता किया और चांग्शा में ही एक ब्यूटी क्लिनिक में छोटी सी नौकरी चुन ली, ताकि वह अपने भाई और परिवार के पास रह सकें।

क्या भविष्य में ठीक हो पाएंगे वांग?

वर्तमान में चांग्शा के 'सेंट्रल साउथ यूनिवर्सिटी' के सेकंड शियांग्या हॉस्पिटल के मशहूर एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉक्टर डेंग चाओ की देखरेख में वांग की 'रेगुलर हार्मोन थेरेपी' शुरू की जा चुकी है।

डॉक्टरों का कहना है कि इस इलाज से वांग की दिमागी हालत में थोड़ा सुधार हो सकता है और शायद वह खुद के पैरों पर चलना भी सीख जाएं। हालांकि, मेडिकल एक्सपर्ट्स एक बड़ी चिंता भी जता रहे हैं— यदि हार्मोन थेरेपी के असर से वांग का वजन और शरीर अचानक बढ़ने लगा, तो उनका सालों से छोटा और कमजोर रहा हड्डियों का ढांचा (Skeletal Structure) उस बढ़े हुए वजन को संभाल पाएगा या नहीं, यह कहना बहुत मुश्किल है। राहत की बात यह है कि उनकी मां अब कैंसर से पूरी तरह ठीक हो चुकी हैं।

इंटरनेट पर लोग वांग की तुलना हॉलीवुड फिल्म "द क्यूरियस केस ऑफ बेंजामिन बटन" के काल्पनिक किरदार से कर रहे हैं। शियाओलिंग अब अपने भाई के इलाज और घर के खर्च के लिए एक नूडल स्टॉल चलाने के साथ-साथ ऑनलाइन लाइव-स्ट्रीमिंग भी करती हैं। अपने इस अनोखे रिश्ते पर शियाओलिंग की एक बात ने लाखों लोगों की आंखों में आंसू ला दिए, उन्होंने कहा— "किस्मत ने मेरे भाई को ठीक से बड़ा नहीं होने दिया, लेकिन शायद ईश्वर ने मुझे जीवन भर प्यार और देखभाल करने के लिए एक छोटा सा मासूम इंसान तोहफे में दे दिया।"

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