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Sapna Choudhary Row: पारिवारिक कलह और कोर्ट के आदेश के बीच पति वीर साहू की नई रील वायरल; द्वारका कोर्ट ने लगाई मिलने पर रोक, 25 जुलाई को अगली सुनवाई

हरियाणवी डांसिंग क्वीन और मशहूर एक्ट्रेस सपना चौधरी (Sapna Choudhary) और उनके पति वीर साहू के बीच का पारिवारिक विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। कोर्ट के कड़े आदेश और आपसी अनबन की खबरों के बीच वीर साहू (Veer Sahu) ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया पर एक नई वीडियो रील पोस्ट की है, जिसने इंटरनेट पर नया सस्पेंस पैदा कर दिया है। इस वीडियो रील में वीर साहू के सिर पर एक व्यक्ति पारंपरिक हरियाणवी पगड़ी बांध रहा है और वीर मुस्कुराते नजर आ रहे हैं। इस रील के बैकग्राउंड में नुसरत फतेह अली खान की मशहूर कव्वाली/गजल 'आंख उठी मोहब्बत ने अंगड़ाई ली' चल रही है।

रिश्तों में दरार के बाद वीर साहू के माता-पिता ने साधी चुप्पी

गायिका सपना चौधरी और वीर साहू के वैवाहिक रिश्तों में आई इस गंभीर दरार के बाद वीर के माता-पिता (सपना के सास-ससुर) ने पूरे घटनाक्रम पर पूरी तरह चुप्पी साधी हुई है। उन्होंने इस हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद और कोर्ट केस को लेकर मीडिया या जनता के सामने अब तक कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। आपको बता दें कि हरियाणा के हांसी क्षेत्र के गांव मदनहेड़ी से ताल्लुक रखने वाले वीर साहू अपने गानों, देसी लाइफस्टाइल और बेबाक बयानों के वीडियो व पोस्ट इंस्टाग्राम पर साझा करने के लिए जाने जाते हैं।

सपना से नहीं मिल सकेंगे वीर साहू; दिल्ली की द्वारका कोर्ट का कड़ा आदेश

इस विवाद में सबसे बड़ा कानूनी मोड़ तब आया जब दिल्ली की द्वारका कोर्ट की मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट निधि सिंह की अदालत ने सपना चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए एक सख्त अंतरिम आदेश जारी किया। कोर्ट के नए आदेश के मुताबिक, वीर साहू अब सपना चौधरी से न तो व्यक्तिगत रूप से मिल सकेंगे और न ही किसी माध्यम से उनसे संपर्क कर सकेंगे।

अदालत का आधिकारिक रुख: "प्रतिवादी (वीर साहू) को अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता (सपना चौधरी) के पास किसी भी तरह से पहुंचने से रोका जाता है। वह याचिकाकर्ता से किसी भी डिजिटल या अन्य तरीके से संपर्क नहीं करेगा, उनके निवास स्थान या कार्यस्थल पर नहीं जाएगा और न ही किसी प्रकार का घरेलू हिंसा का कृत्य करेगा।"

फिल्म की रिलीज और व्यक्तिगत सुरक्षा का हवाला

सपना चौधरी ने अदालत में अपनी याचिका दायर कर अपनी आगामी फिल्म की रिलीज को देखते हुए व्यक्तिगत सुरक्षा व पेशेवर प्रतिबद्धताओं (Professional Commitments) में किसी भी प्रकार की बाधा आने की गंभीर आशंका जताई थी। इसी को आधार मानते हुए कोर्ट ने घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम (Domestic Violence Act) के तहत दायर मामले में सपना को अंतरिम राहत प्रदान की है।

वकील की दलीलें और कोर्ट में पेश किए गए सबूत

सपना चौधरी के वकील ने अदालत के समक्ष दलील दी कि यदि उनकी मुवक्किल को तुरंत कानूनी सुरक्षा नहीं दी गई, तो उन्हें कभी न ठीक होने वाला नुकसान (Irreparable Loss) हो सकता है। इससे उनकी सामाजिक गरिमा और व्यक्तिगत सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ने के साथ-साथ उनके प्रोफेशनल कामों में भी बाधा आ सकती है, जिसमें उनकी आगामी फिल्म के प्रीमियर और प्रमोशनल इवेंट्स में उनकी उपस्थिति भी शामिल है।

अदालत ने सपना की मुख्य याचिका, हलफनामे (Affidavit) और अदालत में पेश किए गए ठोस सबूतों, जिनमें कथित चोटों की तस्वीरें (Injury Photos) और कुछ महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण (Electronic Evidence) शामिल हैं, का गहनता से अवलोकन किया। इसके बाद कोर्ट ने प्रथम दृष्टया (Prima Facie) वीर साहू को समन जारी करने और सपना को अंतरिम राहत प्रदान करने के लिए पर्याप्त आधार पाया।

प्रशासन और स्थानीय पुलिस को सख्ती के निर्देश

मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को समझते हुए द्वारका कोर्ट ने प्रोटेक्शन ऑफिसर (Protection Officer) और संबंधित स्थानीय पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने कहा है कि पुलिस बल अदालत के इन आदेशों का जमीन पर सख्ती से पालन सुनिश्चित करे और याचिकाकर्ता (सपना चौधरी) को आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सुरक्षा सहायता प्रदान करे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सपना चौधरी ने अपने पति वीर साहू पर मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद उन्होंने अपना ससुराल भी छोड़ दिया है। गौरतलब है कि सपना चौधरी ने साल 2020 में वीर साहू के साथ प्रेम विवाह (Love Marriage) किया था, जिसके बाद दोनों का एक बेटा भी है।

अगली सुनवाई 25 जुलाई को

इस हाई-प्रोफाइल मामले की कानूनी कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई 2026 की तारीख निर्धारित की है। इस तारीख को कोर्ट में दोनों पक्षों की तरफ से आगे की दलीलें और जवाब पेश किए जाएंगे।

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