‘यह काम पक्का कल कर दूंगा!’: जानें पति क्यों टालते हैं घर के काम और इस आदत को सुधारने के 4 आसान साइकोलॉजिकल तरीके

"सुनो ना… यह काम मैं पक्का कल कर दूंगा!" क्या आप भी अपने घर में हर दूसरे दिन अपने पति के मुंह से यही डायलॉग सुनती हैं? अगर हां, तो आप अकेली नहीं हैं। दुनिया भर में ज्यादातर पत्नियां इस बात से बेहद परेशान और तनाव में रहती हैं कि उनके पति घर के छोटे-बड़े जरूरी कामों (जैसे- बिजली का बिल भरना, गीला कचरा फेंकना, या अलमारी ठीक करना) को लगातार आगे टालते रहते हैं।
शुरुआत में यह 'कल-कल' की बात बहुत मामूली और मजाकिया लगती है, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत मैरिड लाइफ (Married Life) में गहरा स्ट्रेस, आपसी कड़वाहट और चिड़चिड़ाहट पैदा करने लगती है। पत्नियों को लगने लगता है कि उनके पार्टनर उनकी बातों को अनसुना कर रहे हैं। इस गंभीर घरेलू समस्या को गहराई से समझने के लिए हमने मशहूर लाइफ कोच, हीलर और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से खास बातचीत की है। आइए जानते हैं कि आखिर पुरुष हर काम को 'कल' पर क्यों टालते हैं और पत्नियां इस स्थिति से समझदारी से कैसे डील कर सकती हैं।
साइकोलॉजी की नजर से: पति हर काम 'कल' पर क्यों टालते हैं?
डॉ. चांदनी तुगनैत के अनुसार, पुरुषों की इस टालमटोल की आदत (Procrastination) के पीछे आलस के अलावा कई मानसिक और भावनात्मक कारण होते हैं:
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काम का बहुत मुश्किल लगना: कई बार पुरुषों को घर का कोई काम तकनीकी रूप से बहुत पेचीदा या मुश्किल लगता है। जब उन्हें यह समझ नहीं आता कि इस काम की शुरुआत कहाँ से और कैसे करनी है, तो वे उलझन से बचने के लिए उसे आगे टालना ही बेहतर समझते हैं।
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गलती होने का डर (Fear of Failure): कुछ पति इस छिपे हुए डर के कारण भी काम शुरू नहीं करते कि कहीं वह काम खराब न हो जाए या उनके करने के बाद पार्टनर को पसंद न आए और उन्हें डांट या ताना सुनना पड़े। परफेक्ट न कर पाने का डर उन्हें काम से दूर भगाता है।
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ऑफिस का स्ट्रेस और दिमागी थकान: दिनभर ऑफिस की डेडलाइन्स, मीटिंग्स और बिजनेस के तनाव के कारण पुरुष मानसिक रूप से पूरी तरह थक जाते हैं। घर लौटने के बाद उनके दिमाग में इतनी ऊर्जा (Mental Energy) नहीं बचती कि वे घरेलू जिम्मेदारियों को तुरंत उठा सकें, इसलिए वे अनजाने में 'कल' का सहारा लेते हैं।
पति की इस आदत से निपटने के 4 स्मार्ट और जादुई तरीके
अगर आप चाहती हैं कि आपके पति बिना चिढ़े और समय पर घर के पेंडिंग काम निपटा दें, तो बार-बार गुस्सा करने या टोकने (Nagging) के बजाय इन वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं:
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1. काम की गंभीरता समझाएं, पीछे न पड़ें: अगर आपको कोई काम बहुत जल्दी या उसी दिन चाहिए, तो उनके पीछे पड़कर बार-बार 'ऑर्डर' न दें। इसके बजाय शांत होकर उन्हें बैठाइए और समझाइए कि वह काम घर के लिए कितना ज्यादा जरूरी है और उसके न होने से क्या नुकसान हो सकता है। जब उन्हें जिम्मेदारी का अहसास होगा, तो आपको मानसिक शांति भी मिलेगी और काम भी होगा।
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2. बड़े कामों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटें: पुरुषों को एक साथ बहुत बड़ा काम सौंपने से वे घबरा जाते हैं। उदाहरण के लिए, उन्हें एक साथ पूरी अलमारी साफ करने को न कहें। उनसे कहें, "आज सिर्फ इस एक शेल्फ को व्यवस्थित कर दीजिए, बाकी का हिस्सा हम अगले हफ्ते देख लेंगे।" छोटा टास्क पूरा करना दिमाग के लिए आसान होता है और वे इसे तुरंत कर देंगे।
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3. आदेश देने के बजाय प्यार से याद दिलाएं और तारीफ करें: "तुमने अभी तक सिंक ठीक नहीं किया" कहने के बजाय प्यार से कहें, "याद है ना डियर, आज प्लम्बर से बात करनी है।" इसके साथ ही, जब भी वे कोई छोटा सा काम भी समय पर पूरा करें, तो उनके काम की खुलकर सराहना (Appreciation) जरूर करें। तारीफ सुनने के बाद पुरुष अगली बार और उत्साह से काम करते हैं।
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4. 'चलो मिलकर करते हैं' का फॉर्मूला अपनाएं: "यह तुम्हारा काम है, इसे तुम ही करो" जैसी कड़क भाषा का इस्तेमाल करने के बजाय सहयोगात्मक रवैया अपनाएं। उनसे कहें, "चलो, आज शाम को मिलकर ये पेंडिंग काम निपटा लेते हैं, फिर साथ में आराम से बैठकर बालकनी में चाय पिएंगे।" पार्टनरशिप की भावना से काम करने पर पतियों का मूड भी अच्छा रहता है और रिश्ता भी मजबूत होता है।