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खरीदारी की होड़ में ट्रेडिंग रोकने की नौबत: Sasken Technologies में 3 महीने में 133% का उछाल, Vedanta Power भी पहुंचा अपर सर्किट पर

भारतीय शेयर बाजार में 17 जून को निवेशकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बाजार में कुछ ऐसे शेयरों में अचानक खरीदारी का जबरदस्त दबाव देखने को मिला कि एक्सचेंज को ट्रेडिंग पर अस्थायी रोक लगानी पड़ी। इस दौड़ में सबसे ज्यादा चर्चा में रही 'Sasken Technologies', जिसने अपने निवेशकों को महज 90 दिनों में मालामाल कर दिया है। वहीं, ₹16,400 करोड़ से अधिक मार्केट कैप वाली दिग्गज कंपनी 'Vedanta Power' में भी जोरदार अपर सर्किट देखने को मिला।

Sasken Technologies: निवेशकों के लिए 'गोल्डमाइन'

Sasken Technologies के शेयरों में आज सुबह से ही खरीदारी का तूफान सा आ गया। मंगलवार की सुबह ₹2,194.70 के स्तर पर खुलने वाला यह शेयर देखते ही देखते ₹2,407.20 के शिखर पर पहुंच गया। खरीदारी का दबाव इतना अधिक था कि शेयर अपने ऊपरी स्तर (अपर सर्किट) पर लॉक हो गया। पिछले तीन महीनों का डेटा देखें तो यह शेयर किसी रॉकेट से कम साबित नहीं हुआ है। जिसने तीन महीने पहले ₹1 लाख का निवेश किया होता, आज उसकी वैल्यू ₹2.33 लाख के पार पहुंच चुकी है। 133% का यह रिटर्न बाजार के जानकारों के लिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

Vedanta Power का जलवा, ₹16,000 करोड़ की कंपनी में जोश

सिर्फ Sasken ही नहीं, बल्कि Vedanta Power के शेयरों में भी जबरदस्त जोश दिखा। बाजार खुलते ही मामूली कमजोरी दिखाने वाले इस शेयर ने कुछ ही देर में ऐसी रफ्तार पकड़ी कि ₹42 के स्तर पर पहुंच गया और अपर सर्किट पर जा टिका। कंपनी का बड़ा आकार, यानी लगभग ₹16,423 करोड़ का मार्केट कैप, इस तेजी को और भी महत्वपूर्ण बनाता है। इसमें प्रमोटर्स की 56.38% और एफआईआई (FII) की 14% हिस्सेदारी बताती है कि बड़े खिलाड़ियों का इस कंपनी पर कितना गहरा भरोसा है।

आखिर 'अपर सर्किट' का मतलब क्या है

नए निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि अपर सर्किट का मतलब केवल तेजी नहीं, बल्कि बाजार का नियंत्रण भी है। जब किसी शेयर में खरीदारी के मुकाबले बेचने वाले (Sellers) नगण्य हो जाते हैं, तो स्टॉक बहुत तेजी से भागता है। ऐसी स्थिति में बाजार एक्सचेंज ट्रेडिंग पर रोक लगा देते हैं ताकि अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित किया जा सके और निवेशकों के हितों की सुरक्षा हो सके।

निवेश से पहले रखें ये बातें ध्यान में

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी शेयर में अचानक आई बड़ी तेजी देखकर भावनाओं में बहकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

  • वित्तीय सेहत: किसी भी शेयर में एंट्री लेने से पहले कंपनी का फंडामेंटल और वित्तीय परिणाम जरूर देखें।

  • शेयरहोल्डिंग पैटर्न: प्रमोटर्स की बढ़ती हिस्सेदारी हमेशा एक अच्छा संकेत मानी जाती है, जो Sasken और Vedanta Power दोनों में नजर आती है।

  • जोखिम प्रबंधन: तेज उछाल के बाद अक्सर मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिलती है, इसलिए स्टॉप लॉस का ध्यान रखना जरूरी है।

फिलहाल, इन दोनों कंपनियों की चाल ने बाजार के रुख को सकारात्मक दिशा दी है। क्या खरीदारी का यह जोश आने वाले दिनों में बरकरार रहेगा या मुनाफावसूली का दौर आएगा? यह देखने के लिए बाजार के अगले सत्र पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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