धर्म

Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ के अंतिम बड़े मंगल पर रवि योग का ‘महासंयोग’, हनुमान जी की पूजा से दूर होंगे सारे संकट

हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार का दिन भगवान श्री राम और हनुमान जी की भक्ति के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। इस साल ज्येष्ठ माह में आठ बड़े मंगल का महासंयोग देखने को मिला है। अब ज्येष्ठ मास का अंतिम यानी आठवां 'बड़ा मंगल' 23 जून 2026 को मनाया जाएगा। यह दिन न केवल हनुमान भक्तों के लिए विशेष है, बल्कि इस बार इस पर 'रवि योग' का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो इसे और भी अधिक शक्तिशाली और शुभ बनाता है।

क्यों खास है 23 जून का दिन

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ के मंगलवार को ही हनुमान जी और श्री राम की पहली मुलाकात हुई थी। इसीलिए इस दिन को 'बड़ा मंगल' के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है। 23 जून को शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है, जो आध्यात्मिक साधना के लिए उत्तम मानी गई है। इस दिन रवि योग सुबह 11:54 बजे से शुरू होकर अगले दिन सुबह 05:24 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में रवि योग को दोषों का नाश करने वाला और सभी कार्यों को सिद्ध करने वाला माना गया है।

रवि योग का 'महासंयोग' और हनुमान जी की कृपा

हनुमान जी के गुरु स्वयं सूर्य देव हैं, और रवि योग का सीधा संबंध सूर्य से होता है। ऐसे में आठवें बड़े मंगल पर रवि योग का बनना 'हनुमान-सूर्य' के मिलन जैसा है। इस महासंयोग में संकट मोचन की साधना करने से साधक को नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। माना जाता है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों को सूर्य देव का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे आत्मविश्वास और मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त (23 जून 2026)

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:04 से 04:44 तक

  • अमृत काल: सुबह 05:31 से 07:13 तक

  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:55 से दोपहर 12:51 तक

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:43 से 03:39 तक

  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:21 से 07:41 तक

बड़े मंगल पर क्या करें

  • विधिपूर्वक पूजा: सुबह उठकर स्नान के बाद हनुमान जी की प्रतिमा के सामने संकल्प लेकर पूजा करें।

  • भोग: बजरंगबली को प्रिय बूंदी या गुड़-चने का भोग लगाएं।

  • पाठ: हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें, यह मानसिक शांति के लिए अत्यंत कारगर है।

  • दान-पुण्य: बड़े मंगल पर हनुमान जी की प्रसन्नता के लिए अन्न, फल और सामर्थ्य अनुसार गरीबों को दान करें।

ज्येष्ठ माह के इस अंतिम मंगल पर की गई भक्ति से न केवल हनुमान जी के विशेष आशीर्वाद की प्राप्ति होती है, बल्कि पूरे साल घर में सुख-समृद्धि और आरोग्य बना रहता है।

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