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G7 Summit 2026: फ्रांस में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की ‘महा-बैठक’; ट्रेड वॉर और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सीधी बात, मिला सुरक्षा का बड़ा भरोसा

फ्रांस में आयोजित हो रहे हाई-प्रोफाइल G7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit 2026) के इतर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक द्विपक्षीय बैठक संपन्न हुई। वैश्विक कूटनीति के लिहाज से इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई थीं, क्योंकि पिछले कुछ समय से भारत और अमेरिका के संबंधों में व्यापारिक पाबंदियों (टैरिफ वॉर) को लेकर तनाव चल रहा था।

इसके अतिरिक्त, हाल ही में 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) के पास अमेरिकी सैन्य हमलों में तीन भारतीय नाविकों (Indian Seafarers) की दर्दनाक मौत के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक कड़वाहट आ गई थी। ऐसे में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की यह आमने-सामने की बैठक भारत-अमेरिका के रिश्तों को एक नई दिशा और ऊर्जा देने वाली साबित हुई है।

"हमारे रिश्तों में आई है नई ऊर्जा और रफ्तार" — पीएम मोदी

पिछले 16 महीनों के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी पहली आमने-सामने की मुलाकात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद सकारात्मक और दूरदर्शी दृष्टिकोण साझा किया।

अमेरिकी राष्ट्रपति को गर्मजोशी से संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा:

"मिस्टर प्रेसिडेंट, आपसे मिलकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। पिछले साल वॉशिंगटन डीसी में हमारी जो मुलाकात हुई थी, उसके बाद से हमारे द्विपक्षीय संबंधों को एक नई रफ्तार और नई ऊर्जा मिली है। यह हमारे लिए बेहद गर्व और खुशी की बात है कि हमारी दोनों देशों की टीमों ने मिलकर कुछ महत्वपूर्ण वैश्विक लक्ष्य तय किए हैं। हम उन लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और सही दिशा में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।"

डोनाल्ड ट्रंप के मिडल ईस्ट शांति प्रयासों की वैश्विक स्तर पर सराहना

द्विपक्षीय वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया (Middle East) में लंबे समय से जारी युद्ध और अस्थिरता को समाप्त करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के साहसिक नेतृत्व और कूटनीतिक प्रयासों की जमकर सराहना की। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने वाले ऐतिहासिक समझौते (MoU) पर मुहर लगने का स्वागत करते हुए पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि इस इलाके में शांति का यह नया दौर लंबे समय तक टिका रहेगा।

मोदी ने वैश्विक मंच पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, वैश्विक तेल आपूर्ति और निर्बाध व्यापार के लिए 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (समुद्री व्यापार का मुख्य लाइफलाइन रास्ता) का पूरी तरह खुला रहना बेहद जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत समुद्र में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक या सैन्य भय के होनी चाहिए।

भारतीय नाविकों की सुरक्षा 'सर्वोच्च प्राथमिकता' हो: ट्रंप के सामने मोदी ने उठाया मुद्दा

मुलाकात के सबसे संवेदनशील और मुख्य एजेंडे पर आते हुए पीएम मोदी ने हाल ही में अमेरिकी हमले में मारे गए तीन भारतीय नाविकों का मुद्दा राष्ट्रपति ट्रंप के सामने बेहद मजबूती और साफ शब्दों में उठाया। गौरतलब है कि पूरी दुनिया के मर्चेंट नेवी और समुद्री व्यापार क्षेत्र में लगभग 10% हिस्सेदारी अकेले भारतीय नाविकों (Seafarers) की है।

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा:

"मिस्टर प्रेसिडेंट, जैसा कि आप भली-भांति जानते हैं, वैश्विक समुद्री व्यापार की दुनिया में लाखों भारतीय नाविक पूरी कर्मठता के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, जिसमें 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' जैसा संवेदनशील इलाका भी शामिल है। ये नाविक वैश्विक प्रगति और सप्लाई चेन को सुचारू रखने में बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और जीवन की रक्षा हमारे लिए सबसे सर्वोच्च मायने रखती है। आपने ईरान के साथ इस ऐतिहासिक शांति समझौते को धरातल पर उतारने के लिए बहुत बड़े प्रयास किए हैं, और मुझे पूरा विश्वास है कि जब इस समझौते के नियमों को लागू किया जाएगा, तो अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हमारे नाविकों की सुरक्षा को सबसे पहली और शीर्ष प्राथमिकता दी जाएगी।"

अमेरिका का बड़ा बयान: 'भारत पर संकट आया तो हमेशा साथ खड़ा रहेगा अमेरिका'

इस रणनीतिक बैठक के बाद अमेरिकी गलियारों से भी भारत के लिए एक बहुत बड़ा और सकारात्मक बयान सामने आया है। प्रधानमंत्री मोदी से चर्चा के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को अमेरिका का सबसे पक्का मित्र बताते हुए आश्वस्त किया कि यदि भारत पर कभी भी कोई बाहरी हमला या सुरक्षा संकट आता है, तो अमेरिका हमेशा चट्टान की तरह भारत के साथ खड़ा रहेगा। इस बयान ने दक्षिण एशिया और वैश्विक रक्षा समीकरणों में भारत की स्थिति को और अधिक मजबूत कर दिया है।

 

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