मेरा लालन-पालन तो वहीं हुआ…’ अगर पीएम मोदी खुद फोन कर बीजेपी में वापस बुलाएं तो क्या करेंगे शत्रुघ्न सिन्हा

अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर 'शॉटगन' यानी शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बार फिर देश के सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मौजूदा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा से जब एक इंटरव्यू में यह तीखा और सीधा सवाल पूछा गया कि "अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद आपको फोन करें और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में वापस आने का न्योता दें, तो आपका क्या रुख होगा?" इस पर शत्रुघ्न सिन्हा ने जो जवाब दिया, उसने बंगाल से लेकर दिल्ली तक के सियासी हलकों में नई अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।
पुराना प्यार और परवरिश को लेकर भावुक हुए 'शॉटगन'
पीएम मोदी के फोन करने की संभावना वाले सवाल पर शत्रुघ्न सिन्हा ने किसी भी कड़वाहट से इनकार करते हुए बेहद संजीदा जवाब दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी में मेरा एक लंबा वक्त गुजरा है और सच तो यह है कि मेरा राजनीतिक लालन-पालन ही बीजेपी की छत्रछाया में हुआ है। उन्होंने याद दिलाया कि वे अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के दौर की बीजेपी के कद्दावर नेता रहे हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक विशेषज्ञ बीजेपी के प्रति उनके मन में छिपे पुराने लगाव और एक बड़े कूटनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं।
कड़वाहट छोड़ पीएम मोदी की तारीफ में क्या बोले शत्रुघ्न?
एक समय पर बीजेपी नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी के सबसे प्रखर आलोचकों में शुमार रहे शत्रुघ्न सिन्हा के सुरों में अब एक बड़ा बदलाव महसूस किया जा रहा है। उन्होंने बातचीत के दौरान यह साफ किया कि राजनीति में कोई भी दुश्मन या दोस्त हमेशा के लिए नहीं होता। पीएम मोदी को लेकर उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के तौर पर वे एक मजबूत नेतृत्व दे रहे हैं, और यदि ऐसी कोई परिस्थिति बनती है या व्यक्तिगत संवाद होता है, तो राजनीति में संवाद के रास्ते कभी बंद नहीं किए जाते। हालांकि, उन्होंने वर्तमान में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के प्रति अपनी वफादारी की बात भी दोहराई।
क्या पश्चिम बंगाल और दिल्ली की राजनीति में होने वाला है कोई बड़ा उलटफेर?
शत्रुघ्न सिन्हा के इस ताजा बयान के बाद कयासों का दौर शुरू हो चुका है कि क्या भविष्य में उनकी घर वापसी की कोई स्क्रिप्ट लिखी जा रही है? आसनसोल से सांसद सिन्हा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश की राजनीति में कई समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 'शॉटगन' का यह सॉफ्ट कॉर्नर न सिर्फ टीएमसी के अंदरूनी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है, बल्कि बीजेपी के लिए भी बंगाल में एक अनुभवी चेहरे के साथ रिश्तों को सामान्य करने का मौका बन सकता है। अब देखना यह होगा कि दिल्ली दरबार से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।