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पुणे केतन अग्रवाल केस में बड़ा खुलासा, मौत से ठीक 2 मिनट पहले सिया ने चली थी बेहद चालाक चाल

महाराष्ट्र के पुणे से सामने आए चर्चित केतन अग्रवाल मामले में एक ऐसा सनसनीखेज मोड़ आ गया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। पुलिस तफ्तीश और चश्मदीदों के बयानों से जो कड़ियां जुड़ी हैं, वे वारदात की रात की एक बेहद खौफनाक तस्वीर बयां करती हैं। मौत से ठीक 2 मिनट पहले का वो वक्त, जब केतन और सिया के बीच तीखी बहस हो रही थी, उस दौरान एक ऐसी चालाक प्लानिंग की गई जिसने इस पूरी घटना को और उलझा दिया। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि केतन को धक्का देने के बाद भी सिया थमी नहीं और उसका बेरहम रवैया लगातार जारी रहा।

आखिरी 2 मिनट का वो खौफनाक सच और मोबाइल का राज

पुणे पुलिस की कस्टडी और लोकल इन्वेस्टिगेशन टीम के हाथ लगे सबूतों के अनुसार, केतन अग्रवाल की मौत से ठीक 2 मिनट पहले दोनों के बीच फ्लैट में भारी विवाद हुआ था। इस दौरान सिया ने बेहद शातिर दिमाग से काम लेते हुए कुछ ऐसा किया जिससे खुद को बेकसूर साबित किया जा सके। सूत्रों का दावा है कि उसने बहस के चरम पर पहुंचने पर केतन को मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित और उकसाया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई। इस आखिरी 2 मिनट के डिजिटल फुटप्रिंट्स और कॉल रिकॉर्ड्स को भी पुलिस खंगाल रही है, जो इस चालाक खेल की पूरी हकीकत बयां कर सकते हैं।

धक्का देने के बाद भी नहीं पसीजा दिल, सिया की बेरुखी ने चौंकाया

इस मामले में सबसे गंभीर और हैरान करने वाला खुलासा यह हुआ है कि केतन को बालकनी या ऊंचाई से नीचे धक्का दिए जाने के ठीक बाद भी सिया के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। चश्मदीदों और पुलिस की शुरुआती थ्योरी के मुताबिक, केतन के नीचे गिरते ही जहां नीचे अफरा-तफरी मच गई, वहीं सिया ने नीचे भागने या उसे बचाने की कोई कोशिश नहीं की। वह वहीं जमी रही और अपने अगले कदम की प्लानिंग में जुट गई। उसकी यह बेरुखी और क्रूरता साफ इशारा करती है कि यह हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है।

पुणे पुलिस की जांच तेज और लोकल फॉरेंसिक टीम के बड़े दावे

पुणे के इस हाई-प्रोफाइल इलाके में हुई इस वारदात के बाद स्थानीय समाज में भारी आक्रोश है। पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने घटना स्थल से उंगलियों के निशान, फुटप्रिंट्स और केतन के शरीर पर मिले संघर्ष के निशानों को इकट्ठा किया है। लोकल कोर्ट में पेशी के दौरान भी अभियोजन पक्ष ने सिया के इस ठंडे और चालाकी भरे बर्ताव को हाइलाइट किया है। पुलिस अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रही है कि क्या इस वारदात में सिया के साथ कोई और भी शामिल था या उसने अकेले ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।

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