52 साल की उम्र में भी सिंगल: मशहूर कोरियोग्राफर ने तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों नहीं बसाया घर और परिवार

मनोरंजन जगत में अपनी थिरकन से लोगों को दीवाना बनाने वाली मशहूर कोरियोग्राफर अक्सर अपनी प्रोफेशनल लाइफ को लेकर तो सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन इस बार वह अपनी निजी जिंदगी के एक ऐसे सच को लेकर चर्चा में हैं, जिसने फैंस को भी भावुक कर दिया है। 52 साल की उम्र में भी सिंगल और खुश नजर आने वाली इस कलाकार ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अपनी शादी और बच्चों की ख्वाहिश पर खुलकर बात की। उन्होंने न केवल इस बात को स्वीकार किया कि वह भी एक सामान्य महिला की तरह परिवार बसाना चाहती थीं, बल्कि उन हालातों और वजहों पर भी रोशनी डाली, जिसके कारण उन्हें पूरी जिंदगी अकेले बिताने का फैसला लेना पड़ा। उनकी यह सादगी भरी स्वीकारोक्ति इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
शादी और बच्चों का सपना, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था
कोरियोग्राफर ने बताया कि उनके मन में हमेशा से यह इच्छा थी कि वह अपने जीवनसाथी के साथ एक सुखद गृहस्थी बसाएं और उनके भी बच्चे हों। उन्होंने कहा, "मैं भी अन्य महिलाओं की तरह शादी करना चाहती थी और मां बनना मेरी सबसे बड़ी ख्वाहिश थी।" हालांकि, ग्लैमर इंडस्ट्री की भागदौड़ भरी जिंदगी और करियर की ऊंचाइयों को छूने की होड़ में वह कहीं न कहीं पीछे छूट गईं। उन्होंने बताया कि काम के प्रति उनकी दीवानगी और जिम्मेदारी के चलते सही समय पर जीवनसाथी तलाशने का मौका ही नहीं मिल पाया। धीरे-धीरे समय निकलता गया और जब उन्हें एहसास हुआ, तब तक वह अपने करियर के उस मुकाम पर थीं जहां से लौटना आसान नहीं था।
'अकेले रहना मजबूरी नहीं, चुनाव है'
अपनी इस स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने किसी भी तरह का पछतावा जाहिर करने के बजाय इसे एक 'चुनाव' माना है। उनका मानना है कि ताउम्र अकेले रहने का मतलब यह नहीं कि आप दुखी हैं। उन्होंने उन लोगों को भी जवाब दिया जो अक्सर महिलाओं की शादी और उम्र को लेकर सवाल उठाते हैं। कोरियोग्राफर का कहना है कि आज के दौर में खुशी किसी और पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अपने काम, अपने डांस और अपने प्रशंसकों को ही अपना परिवार मान लिया है। उन्होंने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि भले ही उनके जीवन में वह साथी या बच्चे नहीं आए जिनकी उन्होंने कल्पना की थी, लेकिन उन्होंने अपने काम के जरिए जो मुकाम हासिल किया है, वह उन्हें आत्मसंतोष देता है। उनका यह सफर आज उन तमाम लोगों के लिए प्रेरणा है, जो समाज के बनाए मानदंडों के पीछे न भागकर अपनी शर्तों पर जिंदगी जीना चाहते हैं।