बिना NCET परीक्षा पास किए नहीं मिलेगा दाखिला, शिक्षा मंत्रालय की सख्त एडवाइजरी जारी

देशभर के शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में संचालित होने वाले 4-वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) में दाखिले की उम्मीद लगाए बैठे छात्रों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश को लेकर एक नई और बेहद सख्त एडवाइजरी जारी की है। इस नए आदेश के तहत साफ कर दिया गया है कि अब किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में बिना नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (NCET 2026) मेरिट के सीधे या किसी अन्य माध्यम से एडमिशन नहीं दिया जाएगा।
नियमों की अनदेखी पर रद्द होगी मान्यता: NCTE का कड़ा रुख
एनसीटीई ने अपनी ताजा गाइडलाइन में सभी राज्यों के शिक्षा बोर्ड्स, केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों को चेताया है कि वे मैरिट और तय नियमों का पूरी तरह पालन करें। अगर कोई भी संस्थान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NCET 2026 के स्कोरकार्ड और काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर जाकर पिछले दरवाजे से या डोनेशन बेसिस पर आईटीईपी कोर्स में दाखिला देता है, तो उस छात्र का रजिस्ट्रेशन तो अमान्य होगा ही, साथ ही उस कॉलेज की मान्यता भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। सरकार का यह कदम शिक्षक भर्ती और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है।
क्या है 4-वर्षीय ITEP कोर्स और क्यों है यह जरूरी?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत शुरू किया गया आईटीईपी (ITEP) एक फ्लैगशिप प्रोग्राम है। यह कोर्स इंटरमीडिएट (12वीं) के बाद सीधे बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड की कंबाइंड डिग्री देता है, जिससे छात्रों का एक साल बचता है। केंद्र सरकार के नए नियमों के अनुसार आने वाले समय में स्कूलों में परमानेंट शिक्षक बनने के लिए इस 4-वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स को अनिवार्य योग्यता बनाया जा रहा है। यही वजह है कि इस कोर्स में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केवल नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट पास उम्मीदवारों को ही शॉर्टलिस्ट करने का सख्त फैसला लिया गया है।
एडमिशन प्रोसेस और काउंसलिंग को लेकर छात्रों के लिए जरूरी सलाह
इस सख्त एडवाइजरी के बाद अब छात्रों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार केवल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और संबंधित मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ही काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लें। किसी भी निजी संस्थान या कंसलटेंट के झांसे में आकर डायरेक्ट एडमिशन का रिस्क न लें, क्योंकि काउंसिलिंग डेटा का सीधा मिलान एनटीए (NTA) के आधिकारिक परीक्षा परिणामों से किया जाएगा। योग्य उम्मीदवार अपनी रैंक के आधार पर ही कॉलेजों के विकल्पों का चयन करें ताकि भविष्य में उनकी डिग्री पर कोई कानूनी संकट न आए।