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Petrol Diesel Price Today 8 July 2026: यूपी के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी, जानें आज लखनऊ और कानपुर में क्या है तेल का रेट

रोज सुबह की शुरुआत न केवल सूरज की नई किरणों के साथ होती है, बल्कि वाहन चालकों के लिए पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें भी एक बड़ा अपडेट लेकर आती हैं। ईंधन के ये दाम आम आदमी के मासिक बजट और जेब पर सीधा असर डालते हैं। भारत में हर दिन सुबह 6 बजे देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियां (OMCs) पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी कर देती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर में होने वाले उतार-चढ़ाव पर आधारित होते हैं। उत्तर प्रदेश में आज, 8 जुलाई 2026 को भी तेल के नए दाम जारी कर दिए गए हैं।

लखनऊ, कानपुर से लेकर नोएडा तक: यूपी के शहरों में आज का भाव

अगर आप आज घर से गाड़ी लेकर निकल रहे हैं या फ्यूल टैंक फुल कराने की सोच रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के प्रति लीटर दाम इस प्रकार हैं:

शहर का नाम (UP Cities) पेट्रोल का रेट (₹/लीटर) डीजल का रेट (₹/लीटर)
लखनऊ (Lucknow) ₹101.86 ₹95.36
कानपुर शहरी (Kanpur) ₹101.59 ₹95.06
प्रयागराज (Prayagraj) ₹101.96 ₹95.46
नोएडा (Noida) ₹101.96 ₹95.44
वाराणसी (Varanasi) ₹102.23 ₹95.72
गोरखपुर (Gorakhpur) ₹102.13 ₹95.62
मेरठ (Meerut) ₹101.99 ₹95.46
अलीगढ़ (Aligarh) ₹101.92 ₹95.38
आगरा (Agra) ₹101.66 ₹95.14

पिछले दिनों क्यों महंगी हुई तेल की कीमतें?

घरेलू बाजार में पिछले कुछ समय में पेट्रोल और डीजल के दामों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते 15 मई 2026 को ईंधन की कीमतों में बड़ा संशोधन हुआ था, जिसके तहत पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में सीधे 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था, और उसके बाद भी कीमतों में कई बार बढ़ोतरी देखी गई।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस मूल्य वृद्धि के पीछे की वैश्विक वजहों को स्पष्ट करते हुए बताया था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल के कारण तेल कंपनियों पर अंडर-रिकवरी (लागत से कम पर बिक्री) का भारी दबाव है। इस स्थिति के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को रोजाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा था, जिसके चलते कुल अंडर-रिकवरी बढ़कर लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था।

पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार, कंपनियों का एक तिमाही घाटा ही करीब 1 लाख करोड़ रुपये के पास पहुंच गया था। दूसरी तरफ, क्रूड ऑयल के दाम भी पहले के $64-$65 प्रति बैरल के निचले स्तर से बढ़कर एक समय लगभग $115 प्रति बैरल तक पहुंच गए थे। हालांकि भारत ने साल 2022 के बाद से एक लंबे समय तक ईंधन की कीमतों को बढ़ने से रोके रखा था और उपभोक्ताओं को राहत दी थी, लेकिन वैश्विक बाजार की इस भीषण मंदी और दबाव के चलते आखिरकार पिछले कुछ दिनों में कीमतों में आंशिक इजाफा करना जरूरी हो गया था।

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