पटौदी पैलेस का वो सीक्रेट कोना: भाई सैफ के पास है पूरा महल, तो बहन सोहा अली खान क्यों रहती हैं ‘जनरेटर रूम’ में?

नवाबों के शहर और बॉलीवुड के गलियारों में पटौदी पैलेस की भव्यता के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे, लेकिन इस आलीशान महल के पीछे एक बेहद दिलचस्प कहानी भी छिपी है। जहाँ एक तरफ इस विशाल महल के मालिक बॉलीवुड स्टार सैफ अली खान हैं, वहीं उनकी छोटी बहन सोहा अली खान इस शाही प्रॉपर्टी के उस हिस्से की मालकिन हैं जो कभी जनरेटर रूम हुआ करता था। जी हाँ, सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन आज यह जनरेटर रूम किसी लग्जरी फ्लैट से कम नहीं है।
जनरेटर रूम से 2BHK अपार्टमेंट बनने का दिलचस्प किस्सा
सोहा अली खान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्हें यह अनोखा हिस्सा विरासत में कैसे मिला। दरअसल, साल 2005 से 2014 के बीच जब पटौदी पैलेस को 'नीमराना होटल्स' चेन को लीज पर दिया गया था, तब सोहा के माता-पिता यानी मंसूर अली खान पटौदी और शर्मिला टैगोर को पैलेस में रहने के लिए एक निजी जगह की जरूरत थी। उस समय पैलेस के पुराने जनरेटर रूम को मॉडिफाई करके एक बेहद खूबसूरत और आरामदायक 2BHK अपार्टमेंट में बदल दिया गया। सोहा कहती हैं, "होटल के समय मेरे माता-पिता इसी जगह शिफ्ट हो गए थे और आज यह खूबसूरत प्रॉपर्टी मेरी है, जिसके रखरखाव का पूरा खर्च मैं खुद उठाती हूँ।"
शाही महल में पेंट नहीं, आज भी होती है सफेदी; जानिए क्यों?
भारत के सबसे महंगे और मशहूर शाही घरों में शुमार होने के बावजूद, पटौदी परिवार दिखावे से ज्यादा व्यावहारिकता पर भरोसा करता है। सोहा ने बताया कि उनकी माँ शर्मिला टैगोर आज भी खुद पटौदी पैलेस का पाई-पाई का हिसाब रखती हैं। बजट को कंट्रोल में रखने के लिए इस महल की दीवारों पर महंगा पेंट कराने के बजाय आज भी पारंपरिक सफेदी (चुना) कराई जाती है, क्योंकि यह काफी सस्ती पड़ती है। सालों से यहाँ कोई फिजूलखर्ची या नई चीजें नहीं खरीदी गईं, बल्कि इसकी पुरानी ऐतिहासिक बनावट को ही सहेज कर रखा गया है।
सैफ अली खान ने भारी रकम चुकाकर वापस पाया अपना हक
मंसूर अली खान पटौदी के निधन के बाद सैफ अली खान ने होटल चेन से लीज को खत्म करवाया और करोड़ों रुपये की डील के बाद इस पैलेस को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया। सैफ अली खान के मुताबिक, उनकी दादी हमेशा कहती थीं कि इस ऐतिहासिक धरोहर को कभी कमर्शियल होटल नहीं बनने देना चाहिए, क्योंकि इसका अपना एक गौरवशाली इतिहास है।
इसी जमीन में दफन है पटौदी खानदान का इतिहास
सैफ और सोहा के लिए यह पैलेस महज एक आलीशान बंगला नहीं बल्कि भावनाओं का समंदर है। इसी पैलेस के परिसर में सैफ-सोहा के दादा-दादी और उनके पिता मंसूर अली खान पटौदी की कब्रें मौजूद हैं। आज यह महल पटौदी परिवार का प्राइवेट हॉलिडे होम है, जिसे कभी-कभी चुनिंदा बॉलीवुड फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए किराए पर दिया जाता है।