विदेश

यूरोप की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, ट्रेड बैन की धमकी से मचा हड़कंप; क्या अब और गहराएगा आर्थिक संकट

पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी गिरती साख के बीच यूरोप ने एक बड़ा और सख्त रुख अपना लिया है। हालिया घटनाक्रम में यूरोपीय देशों ने पाकिस्तान को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि मानकों का पालन नहीं हुआ, तो व्यापारिक रियायतें खत्म कर दी जाएंगी। जहाँ एक तरफ अमेरिका के साथ पाकिस्तान के राजनयिक संबंध फिर से गर्माते दिख रहे हैं, वहीं यूरोप की इस 'धमकी' ने इस्लामाबाद की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूरोप ने व्यापारिक प्रतिबंध लगाए, तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए खुद को संभालना लगभग नामुमकिन होगा।

GSP+ स्टेटस पर मंडरा रहा खतरा

यूरोप ने मुख्य रूप से पाकिस्तान को मिलने वाले 'जीएसपी प्लस' (GSP+) स्टेटस को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। मानवाधिकारों के उल्लंघन, श्रम कानूनों की अनदेखी और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा न उतरने के कारण यूरोपीय संघ ने पाकिस्तान को कड़े सुधार करने का अल्टीमेटम दिया है। यदि पाकिस्तान तय समय सीमा में अपनी नीतियों में सुधार नहीं करता है, तो उसे यूरोप में अपने उत्पाद निर्यात करने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। यह स्थिति सीधे तौर पर पाकिस्तान के टेक्सटाइल और एक्सपोर्ट सेक्टर को तबाह करने के लिए काफी है, जो पहले ही विदेशी मुद्रा की कमी से जूझ रहा है।

अमेरिका की दोस्ती बनाम यूरोप की सख्ती

दिलचस्प बात यह है कि एक ओर अमेरिका के साथ पाकिस्तान के बढ़ते रक्षा और कूटनीतिक संबंध चर्चा में हैं, वहीं यूरोप का यह रुख पाकिस्तान के लिए 'दोहरी मुसीबत' बन गया है। विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका भले ही सामरिक हितों के लिए पाकिस्तान को समर्थन दे रहा हो, लेकिन आर्थिक स्तर पर यूरोप की नाराजगी उसे और कंगाल बना सकती है। पाकिस्तान का एक बड़ा निर्यात बाजार यूरोप में है, और वहां से व्यापारिक मदद बंद होने का मतलब होगा देश की पूरी अर्थव्यवस्था का डगमगा जाना। अब देखना यह है कि क्या पाकिस्तान अपनी नीतियों में सुधार करेगा या फिर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के जाल में और अधिक फंस जाएगा।

 

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