विदेश

ईरान ने होर्मुज में बनाया समानांतर ‘सी-कॉरिडोर’, भड़के डोनाल्ड ट्रंप ने दिया 24 घंटे का विनाशकारी अल्टीमेटम

वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की लाइफलाइन कहे जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा गतिरोध अब तक के सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दो सप्ताह पूर्व हुआ सीजफायर पूरी तरह से खटाई में पड़ चुका है और ईरान की प्रमुख तटीय पोर्ट सिटीज—बंदर अब्बास, केश्म, मूसा और रणनीतिक चाबहार में पिछले चार दिनों से भीषण धमाकों की आवाजें गूंज रही हैं। तनाव की मुख्य वजह ईरान द्वारा होर्मुज के भीतर एक दूसरा 'समानांतर समुद्री रास्ता' तैयार करना है, जिस पर वह अपना पूर्ण संप्रभु नियंत्रण का दावा कर रहा है। ईरान के इस आक्रामक कदम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 24 घंटे का सख्त अल्टीमेटम जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यदि जलडमरूमध्य के सभी रास्तों को सार्वजनिक रूप से नहीं खोला गया, तो ईरान को बेहद गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

होर्मुज में 'कॉरिडोर' की जंग: वैश्विक तेल सप्लाई चेन ठप होने से दुनिया पर ऊर्जा संकट का साया

इस समय खाड़ी क्षेत्र में चल रहा सैन्य टकराव किसी कूटनीतिक मतभेद का परिणाम नहीं, बल्कि सीधे तौर पर होर्मुज के भीतर समुद्री व्यापारिक मार्गों पर नियंत्रण स्थापित करने की जंग है। अमेरिका जहां अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही के लिए एक स्वतंत्र वैश्विक कॉरिडोर चलाने की कोशिश कर रहा है, वहीं ईरान अपने सुझाए समानांतर रास्ते से न गुजरने वाले अमेरिकी सहयोगी खाड़ी देशों के कमर्शियल शिप्स पर लगातार मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन हमले कर रहा है। आपको बता दें कि पूरी दुनिया के कुल तेल परिवहन का पांचवां हिस्सा (20%) इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। इससे पहले 28 फरवरी को भड़के युद्ध के कारण इस संकीर्ण समुद्री रास्ते में हजारों कमर्शियल जहाज फंस गए थे, जिससे वैश्विक स्तर पर हाहाकार मच गया था।

ट्रंप प्रशासन की सख्त शर्त: बिना किसी शुल्क के खुलेगा रूट, वरना अमेरिकी सेना करेगी बड़ी कार्रवाई

एक्सियोस (Axios) की ताजा खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्षेत्रीय मध्यस्थों (ओमान और कतर) के जरिए तेहरान को एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश भिजवाया है। वाशिंगटन चाहता है कि ईरान बिना किसी देरी के सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करे कि होर्मुज जलडमरूमध्य का पूरा शिपिंग रूट हर देश के लिए खुला है और वह किसी भी कमर्शियल वेसल (व्यापारिक जहाज) को निशाना नहीं बनाएगा। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप की सबसे बड़ी शर्त यह है कि ईरान इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से किसी भी प्रकार का अवैध टैक्स या टोल शुल्क वसूलना बंद करे। इस बड़े गतिरोध को सुलझाने के लिए शनिवार को मस्कट में ओमान, ईरान और अमेरिकी अधिकारियों के बीच एक आपातकालीन त्रिपक्षीय बैठक होने की संभावना है।

अमेरिकी वायुसेना की भीषण बमबारी के बाद ईरान पंगु: तटीय बुनियादी ढांचे पर दागी गईं मिसाइलें

डोनाल्ड ट्रंप का यह बेहद आक्रामक अल्टीमेटम अमेरिकी वायुसेना (US Air Force) द्वारा हाल ही में ईरानी धरती पर की गई सबसे बड़ी और विनाशकारी बमबारी के ठीक बाद आया है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों और लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों ने पश्चिमी ईरान में स्थित महत्वपूर्ण बिजली उपकरण निर्माण संयंत्रों, बड़े पावर ग्रिडों और समुद्र के खारे पानी को मीठा बनाने वाले (Desalination Plants) तटीय बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए दावा किया था कि इस भीषण अटैक का उद्देश्य ईरान की उस आर्थिक और तकनीकी रीढ़ को तोड़ना है, जिसका उपयोग वह खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य आक्रामकता और ड्रोन ऑपरेशन्स को बढ़ावा देने के लिए कर रहा है। हालांकि, इस भारी तबाही के बावजूद ईरान ने अमेरिकी सहयोगियों पर ड्रोन हमले जारी रखे हैं, जिससे युद्ध की आग भड़कने की पूरी आशंका बनी हुई है

Back to top button