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US-Iran Conflict Updates: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम खत्म, ट्रंप ने दिए बातचीत के संकेत; इजरायल की दो टूक- जंग अभी खत्म नहीं हुई

मिडिल ईस्ट (Middle East) में भू-राजनीतिक समीकरण एक बार फिर बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गए हैं। अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच अमेरिका द्वारा ईरान के अहम सैन्य ठिकानों पर किए गए ड्रोन व मिसाइल हमलों और जवाब में ईरान द्वारा कतर, बहरीन व यूएई (UAE) में अमेरिकी ठिकानों को टारगेट किए जाने के बाद युद्ध की स्थिति बनी हुई है।

पिछले दो दिनों से ईरान को भीषण हमले की धमकी दे रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सुर शुक्रवार (10 जुलाई 2026) को अचानक बदलते नजर आए। ट्रंप अब सैन्य हमले की बात छोड़कर फिर से कूटनीतिक बातचीत को आगे बढ़ाना चाहते हैं, हालांकि उन्होंने इसका श्रेय ईरान के पाले में डाल दिया है।

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: सीजफायर खत्म, लेकिन बातचीत को तैयार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान ने दोबारा बातचीत की टेबल पर लौटने की इच्छा जताई है। ईरान की इस पहल के बाद अमेरिका भी राजनयिक वार्ता के लिए तैयार है। हालांकि, ट्रंप ने यह पूरी तरह साफ कर दिया कि दोनों देशों के बीच पूर्व में हुआ अंतरिम सीजफायर (युद्ध विराम) अब आधिकारिक रूप से खत्म हो चुका है, लेकिन भविष्य में बड़े युद्ध को टालने के लिए बातचीत का सिलसिला जारी रहेगा।

दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र (UN) में अमेरिका की उप राजदूत टैमी ब्रूस ने भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप क्षेत्र में स्थायी शांति चाहते हैं, लेकिन उन्होंने एक कड़ी शर्त भी रखी। ब्रूस ने कहा कि यदि ईरान समर्थित ताकतों द्वारा नागरिक ठिकानों या अंतरराष्ट्रीय कारोबारी जहाजों (Commercial Ships) पर कोई भी हमला किया गया, तो अमेरिका उसका माकूल और आक्रामक जवाब देगा।

इजरायल के पीएम नेतन्याहू की दो टूक: ईरान से जंग अभी खत्म नहीं हुई

जहां एक तरफ अमेरिका बातचीत की वकालत कर रहा है, वहीं उसके सबसे करीबी सहयोगी इजरायल का रुख बेहद आक्रामक बना हुआ है। इजरायल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने इजराइली एयर फोर्स के एक कार्यक्रम में दो टूक कहा कि ईरान के साथ जारी यह महाजंग अभी खत्म नहीं हुई है।

नेतन्याहू ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "इजरायल किसी भी कीमत पर ईरान को न्यूक्लियर (परमाणु) हथियार हासिल नहीं करने देगा, चाहे कोई अंतरराष्ट्रीय समझौता हो या नहीं।" उन्होंने दावा किया कि यदि इजरायल ने पहले सर्जिकल स्ट्राइक न की होती, तो ईरान अब तक परमाणु बम बना चुका होता और देश हर आगामी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

ईरान का पलटवार: हमला हुआ तो इजरायल का अस्तित्व मिट जाएगा

बेंजामिन नेतन्याहू की सीधी सैन्य धमकी के बाद ईरान ने भी बेहद आक्रामक तेवर दिखाए हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना (IRNA) के मुताबिक, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बाघेर जोलगदर ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान के किसी भी परमाणु या रणनीतिक ठिकाने पर हमला हुआ, तो उसका ऐसा घातक जवाब दिया जाएगा जिसके बाद इजरायल को दुनिया की कोई ताकत नहीं बचा पाएगी।

अमेरिका-ईरान सैन्य टकराव से जुड़े 5 बड़े अंतरराष्ट्रीय अपडेट्स:

  1. अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें: अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाते हुए कई मिसाइलें दागीं। हालांकि, इन मित्र देशों की एयर डिफेंस प्रणालियों ने अधिकांश मिसाइलों और सुसाइड ड्रोनों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है।

  2. रणनीतिक रेलवे ब्रिज पर हमला: ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी वायुसेना ने उत्तरी ईरान में चीन और रूस की साझेदारी से बने एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक रेलवे पुल को क्रूज मिसाइल से उड़ा दिया है। ईरान ने इसे सीधा 'युद्ध अपराध' बताया है, जबकि पेंटागन ने इसे ईरान द्वारा अंतरिम शर्तों के उल्लंघन का नतीजा करार दिया।

  3. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही ठप: रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों महाशक्तियों के बीच तनाव बढ़ने के कारण दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री तेल मार्ग 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही शुक्रवार को भी पूरी तरह ठप रही। वैश्विक सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में करीब 1% का उछाल दर्ज किया गया है।

  4. ईरान का 1 करोड़ बैरल तेल का इमरजेंसी एक्सपोर्ट: अमेरिका द्वारा दोबारा पूर्ण नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) लागू किए जाने के डर से ईरान ने एक ही रात के भीतर आनन-फानन में कम से कम 1 करोड़ बैरल कच्चा तेल और फ्यूल ऑयल निर्यात के लिए विभिन्न गुप्त जहाजों के जरिए अंतरराष्ट्रीय रूट पर रवाना कर दिया है।

  5. लेबनान पर इजराइली ड्रोन स्ट्राइक: लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी (NNA) के मुताबिक, इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह प्रांत में दो बड़े ड्रोन हमले किए हैं। ये हमले कफर रेमान और नबातियेह अल-फौका कस्बों में हिजबुल्लाह के ठिकानों को देखकर किए गए, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

वैश्विक मध्यस्थता की कोशिशें तेज

बीबीसी (BBC) की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल दो दिनों की सीधी सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों पक्षों की ओर से गोलाबारी थमी हुई है। इस वैश्विक संकट को टालने और दोनों देशों को दोबारा 18 जून को हुए अंतरिम समझौते (MoU) के रास्ते पर लाने के लिए मध्यस्थ देश— कतर, मिस्र (Egypt) और पाकिस्तान पर्दे के पीछे से सक्रिय कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलाती से फोन पर वार्ता कर होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के सेफ कॉरिडोर को तुरंत बहाल करने पर जोर दिया है।

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