एजुकेशन

यूपी बोर्ड में पढ़ाई का बदलेगा ढर्रा! नई राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा (SCF) पर काम शुरू, तैयार होगा नया सिलेबस और किताबें

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक और व्यावहारिक बनाने की तैयारी में जुट गया है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश की अपनी नई 'राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा' (SCF) तैयार की जा रही है. इसी सिलसिले में यूपी बोर्ड के मुख्यालय में एक विशेष पांच दिवसीय कार्यशाला (वर्कशॉप) का आगाज हुआ है. इस महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा विभाग के आला अधिकारी, विषय विशेषज्ञ, जाने-माने शिक्षाविद और अनुभवी शिक्षक मिलकर सूबे के नए सिलेबस का पूरा खाका तैयार कर रहे हैं.

यूपी के इतिहास और संस्कृति को मिलेगा सिलेबस में विशेष स्थान

कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन करते हुए यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि यह नई रूपरेखा प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा की दिशा और दशा बदलने का काम करेगी. नया करिकुलम (पाठ्यक्रम) तैयार करते समय उत्तर प्रदेश के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक विविधता और यहां की स्थानीय जरूरतों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा. इसके साथ ही, रट्टा मार पढ़ाई को खत्म कर 'दक्षता आधारित शिक्षा' (Competency-Based Education) और नई मूल्यांकन प्रणाली पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छात्रों को समान अवसर मिल सकें.

आएंगी नई किताबें, डिजिटल माध्यम से भी जुड़ेंगे एक्सपर्ट्स

बोर्ड के अपर सचिव स्कंद शुक्ल ने कार्यशाला की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस पांच दिवसीय मंथन से जो भी महत्वपूर्ण सुझाव निकलकर सामने आएंगे, उन्हीं के आधार पर राज्य पाठ्यचर्या रूपरेखा का फाइनल ड्राफ्ट तैयार होगा. इसी ड्राफ्ट के मुताबिक भविष्य में सभी विषयों की नई समयोपयोगी पाठ्यपुस्तकों और पाठ्यक्रमों का निर्माण किया जाएगा. इस कार्यशाला में कुछ बड़े विशेषज्ञ ऑनलाइन माध्यम से भी अपनी राय दे रहे हैं. पहले दिन सभी प्रतिभागियों को अलग-अलग विषयवार ग्रुप्स में बांटकर विस्तृत चर्चा शुरू कराई गई ताकि एक समावेशी और भविष्योन्मुखी (Future-Ready) शिक्षा नीति को जमीन पर उतारा जा सके.

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